पिछला भाग पढ़े:- खूबसूरत कुंवारी बहन के जिस्म से खेला-4
भाई-बहन सेक्स कहानी अब आगे-
मैं बूब्स को छोड़ कर उसकी गांड पर चांटे मारने लगा और उसके कुल्हों (गांड) को पकड़ कर खींचने लगा। मेरे दूसरे हाथ से मैंने उसकी गांड के अंदर एक उंगली डाल दी और जोर-जोर से अंदर-बाहर करने लगा। वह बहुत गर्म होने लगी थी और थोडी जोर-जोर से आवाजें निकालने लगी-
बहन: आह्ह ओ भईया पल्स आआहह्ह्ह्ह भईया हहहस्स्स आअह्ह्ह्ह हहहहह। ऊऊऊओ आह। अह्ह्ह। आह्ह्ह्हह अह्ह्ह उम्म्म हुह्ह्ह् भईया क्या कर रहे हो ऊम्म्म्म। हहा। हह। हहहाहा उम्म्म अहहहहह मम्ह्ह्ह्हह।
मैं मेरी बहन के शरीर को मसलने लगा। पूरा साबुन मैंने शरीर से हटा दिया और मैं उसकी गांड पर चांटे मार रहा था। पानी की वजह से थप-थप की आवाज आने लगी। अब पानी की वजह से उसकी गांड में उंगली टाइट जाने लगी, तो अब उसे दर्द होने लगा और वह कहने लगी कि-
बहन: भईया अब दर्द हो रहा है। अब रहने दो ना प्लीज भईया, प्लीज ना भईया।आअह्ह्ह आअह्ह्ह्ह हहहह।
मैं अब एक हाथ से उसकी चूत को रगड़ने लगा। चूत को मसलने की वजह से वो बहुत गर्म हो गई थी। और मुझे लगा कि अब लोहा गरम है मार दो हथोड़ा। इसलिए मैंने उसे किस्स करते हुए शावर को बंद कर दिया और उसके बूब्स को दबाने लगा। मैं उसकी चूत को रगड़ने लगा। वो और भी गर्म हो गई जोर-जोर से सांसे लेने लगी। मैंने फिर उसे गोद में उठाया और बेडरूम में ले गया।
उसे बेड पर लिटाया और उसकी दोनों टांगों (पैरों) को चौड़ी करते हुए लाल-लाल गुलाबी सी चूत को मसलने लगा। वो जोर-जोर से आहें भरने लगी। वो गरम-गरम सिसकारियां लेने लगी। मैंने उसकी चूत की दरारों को खोला और उसकी चूत को चाटने लगा। मैंने अपना मुंह जैसे ही उसकी चूत पर लगाया, उसने शर्मा कर अपने मुंह को अपने हाथों से ढक लिया।
अब मैं उसकी चूत के दाने को अपनी जीभ से रगड़ रहा था। मैंने एक हाथ से उसके बूब्स को जोर से दबाया और एक उंगली को उसकी गांड के लाल छेद के अंदर डाल दिया। फिर उस उंगली को मैं अंदर-बाहर करने लगा। उसकी चूत को मैं अपनी जीभ से चाट रहा था।
वह धीरे-धीरे अकड़ने लगी और लगभग 5 मिनट बाद उसकी गुलाबी चूत ने मेरे मुंह पे बहुत सारा नमकीन पानी फेंकना शुरू कर दिया। मुझे पता था कि यह पानी फेंकेगी, इसीलिए मैंने अपना मुंह उसकी चूत के छेद पर लगा रखा था। मैंने काफी सारा पानी पी लिया और उसकी चूत और गांड को चाट-चाट के पूरा साफ कर दिया।
अब मैं खड़ा हुआ और मेरी बहन के मुंह के पास अपने लंड को ले गया। मैंने मेरी छोटी प्यारी बहन से कहा कि-
मैं: मेरे लंड को अपने मुँह में लेके चूस।
पर वो मना करने लगी: भईया मैं नहीं लूंगी आपके लौड़े को मुंह में। यह बहुत मोटा और बड़ा है।
मैंने फिर भी उसके बालों को पकड़ कर उसके मुंह में वह लंड डाल दिया। वह झटपटाने लगी और मुंह को इधर-उधर करने लगी। मैंने उसकी नाक को बंद करके कुछ देर इंतजार किया। फिर मेरी बहन ने मजबूरी में सांस लेने के लिए मुंह को खोला। तब मैंने अपना लंड उसके मुंह में डाल दिया।
उसके हाथ मुझ तक नहीं पहुंच सकते थे, क्योंकि मैं उसके हाथों पर बैठा हुआ था और इसीलिए मैंने एक हाथ से उसकी गर्दन पकड़ी और एक हाथ से उसके बाल।फिर मैं उसके मुँह को चोदे जा रहा था। मेरी बहन के मुंह से बहुत ही मादक आवाजे आ रही थी ऊगगगगगग वुक्कग्गकग उउउग्ग वगगककक् कककक ग्ग्ग्ग्गुग्ग् ग्वयोक गुगबव्हग्ग उउउउह्ह्ह्हह्ह्ह्ह। ऐसी आवाजों से मेरा लंड और टाइट हो रहा था।
अब मैं मेरी बहन के मुंह को लपालप चोद रहा था। मैंने मेरी बहन की गर्दन को छोड़ा और धीरे-धीरे चांटे देने लगा। मुझे मेरी बहन बहुत प्यारी लग रही थी, और मेरा उसे चोदने का और भी मन करने लगा। पर मैं इस समय मेरी बहन को मुंह में लंड चुसा रहा था और मेरी बहन बिल्कुल एक रंडी की तरह मेरा लौड़ा चूस रही थी। वो मेरे लंड को बिल्कुल आइसक्रीम की तरह टाइट करके चूस रही थी।
जब वह अपने होंठों को टाइट करके मेरा लंड चूस रही थी तब मेरा लौड़ा बिल्कुल लोहे की रॉड के जैसे हो रहा था। लगभग 15 मिनट की जोरदार मुंह चुदाई के बाद मेरी बहन ने अपनी जीभ मेरे लंड के टोपे पर लगा दी। फिर वह अपने मुंह में अपनी जीभ को इस तरह घुमा रही थी और मैं लौड़े के जोरदार झटके मार रहा था, तो मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ और मैंने पूरा माल (वीर्य) अपनी बहन की मुंह में ही छोड़ दिया।
मैंने लगभग 5 मिनट तक अपने लंड को बाहर नहीं निकाला, जिससे ना चाहते हुए भी मेरी बहन को मेरा पूरा माल पीना पड़ा। जब मेरा पूरा माल निकल गया, तब मैं उसके मुंह से मेरा लंड निकाल कर साइड में हो गया।
इससे वो नाराज होने लगी और मुझ पर चिल्लाने लगी कि: भईया आपने मेरे मुंह में ही अपना माल छोड़ दिया। मैं वह पी गई। अब पता नहीं क्या होगा।
मैं अपनी बहन को शरीफ और मासूम समझ रहा था। लेकिन जब उसने माल का नाम लिया, तब मैं थोड़ा हैरान हो गया। तब मैंने उससे पूछा कि-
मैं: तू माल के बारे में जानती है क्या होता है?
तो हडबड़ाने लगी: नहीं भईया, मैं नहीं जानती।
तब मैंने उसके गाल पर एक चांटा मारा और उससे पूछा कि: सही-सही बता तुझे ये चीज किसने सिखाई। मुझसे झूठ मत बोल।
तो उसने रोते हुए मुझसे कहा कि: सॉरी भईया। मैं आज के बाद आपसे झूठ नहीं बोलूंगी। मेरी एक दोस्त है रोशनी, उसने मुझे सेक्स देखना और माल के बारे में बताया। हां भईया मैं पहले भी सेक्स देख चुकी हूं।
मैंने उससे कहा कि: तू तो बिल्कुल पूरी रंडी हो चुकी है। तू क्या पहले भी किसी से चुद चुकी है?
बहन: नहीं भैया, मेरी फ्रेंड और मैं हम सिर्फ बातें ही करते हैं और कुछ नहीं!
मैंने फिर पूछा: सही से बता। तुम और तुम्हारी फ्रेंड्स मिल कर क्या करते हो?
उसने कहा कि: भैया हम एक साथ होते हैं तो नहाते हैं। एक-दूसरे के बूब्स दबाते हैं, और चूत चाटते हैं एक-दूसरे की। मुझे माफ़ कर दो भईया। मैं अब आज के बाद ऐसा कुछ नहीं करूंगी।
मैंने कहा: तू इतनी बड़ी रंडी है, मुझे पता नहीं था। बहन की लोहड़ी, आज मैं तेरी सारी मस्ती उतार दूंगा। यह बोबे तूने अपने दोस्तों से ही दबवा कर ही तो बड़े करे हैं।
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