पिछला भाग पढ़े:- खूबसूरत कुंवारी बहन के जिस्म से खेला-3
भाई बहन सेक्स कहानी अब आगे-
मेरा खड़ा लौड़ा देख कर मेरी बहन को लगा कि मुझे भी बाथरूम लग रहा था। तो वो कमोड से उठी और कहती है कि-
बहन: भईया मैं अब खुद को थोड़ा साफ भी करूंगी। तो आप जब तक बाथरूम कर लो।
मैंने कहा कि: नहीं, मुझे नहीं लग रही। तुम साफ कर लो।
तभी मेरी बहन ने बोला कि: आप अभी खड़े हो। तब तक कर लो। बाद में आप मुझे अकेले छोड़ कर आओगे। अभी कर लो। वैसे भी आपका लौड़ा बहुत उछल रहा है। शायद इसे बाथरूम करना होगा।
यह सब सुन कर मैं थोड़ा चुप रहा और मूतने की कोशिश करने लगा। क्यूंकि मैं अपनी बहन को क्या कहता कि तेरा इतना खूबसूरत नंगा शरीर देख कर उछल रहा है। और ना चाहते हुए भी मैं टाइट लंड से मूतने लगा।
जोर से मूतने के चक्कर में एक तेज मूत की धार बेनिशाने से कमोड के ऊपर जा कर टकरा गई, जिससे पास में नीचे बैठी मेरी बहन जो अपनी चिकनी चूत को साफ कर रही थी, उसके मुँह पे थोड़े मूत के छींटे लग गये। जिसकी वजह से उसने मेरे पैर पे मारते हुए कहा-
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बहन: छी भईया! आपने मुझे गंदा कर दिया। उसके पैर पे मारने की वजह से मेरा बैलेंस बिगड़ गया, क्यूंकि मेरा पूरा ध्यान जोर लगाने पे था, और मैं धक्का लगने की वजह से में बाएं तरफ की दीवार से सट गया। मेरा मूत भी निकलने लगा।
अब मेरी बहन मेरे सामने थी और मेरे मूत की तेज धार मेरी बहन के मुँह पे गिरने लगी, जिससे वह बचने के लिए पीछे खिसकने लगी। पर जल्दीबाजी में वो वहीं पर गिर गयी और गिरते समय उसका मुँह थोड़ा खुल गया। इससे मेरा मूत उसके मुँह में चला गया।
मैंने रोकने की कोशिश की, मगर मेरा मूत नहीं रुका। मेरे एक हाथ में मेरा फोन था और दूसरे से मैंने दरवाजे को पकड़ रखा था, इसलिए मैंने ज्यादा जोर नहीं दिया। मेरा मूत अब धीरे-धीरे कम होने लगा, जिससे मेरी गिरी हुई बहन पे मेरा मूत गिरते-गिरते मुँह से होते-होते गले पर, फिर दोनों बोबों (बूब्स) पर गिरते हुए, फिर पेट से होते-होते आखिर में चूत तक, फिर नीचे जमीन पे गिरता हुआ ख़तम हुआ।
मेरी बहन चिल्लाते हुए खड़ी होने लगी, और वो बैठते हुए कहने लगी कि: क्या हो रहा है ये?
इतनी ही देर में मैंने दम लगा के मूत की एक धार फेंकी, जो सीधा मेरी चिल्लाती हुइ बहन के मुँह में सीधा चली गयी। इससे वो और भी गुस्सा हो गयी और मुझे डांटते हुए कहा, “क्या कर रहे हो भईया? कमोड पे मूतो ना। मुझपे क्यूं मूत दिया आपने? मैं मूतने की चीज हूं क्या? आप हर बार मुझे गन्दा कर देते हो। मुझे नहाना पड़ेगा अब।”
अब दोस्तों में क्या बताऊँ मेरी बहन मेरे सामने मेरे ही मूत में गंदी नीचे बैठी हुइ थी। वो बिल्कुल एक रंडी लग रही थी जो अपने भाई के मूत से संधी हुई थी। वो फ़ोन की टॉर्च में मूत से गीले बदन में एक रंडी थी, जो नंगी होने के बाद भी अपने भाई के सामने नहाने जा रही थी। जिसे अपने बड़े भाई के सामने नहाने से कोई दिक्कत नहीं थी।
ये सोच के मेरी हिम्मत बढ़ गई और मैंने भी आज इसको अपनी रंडी बनाने का सोच लिया। इतनी ही देर में लाइट भी आ गयी पर उसने मुझे बाहर जाने को नहीं बोला। वो उठी और शावर चालू करके नहाने लगी। उसने शावर के नीचे नहाना शुरू कर दिया। ठंडे पानी के साथ साबुन से नहाने लगी। यह सब देख कर मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा।
मैंने शरारत करते हुए कहा कि: मैं भी नहाना चाहता हूं।
यह सुन कर मेरी बहन ने कहा कि: रुक जाओ, पहले मुझे नहा लेने दो। फिर आप नहा लेना।
मैंने कहा कि: तुम थोड़ा साइड में हो जाओ, और साबुन लगा लो। मैं जब तक पानी गिरा लेता हूं।
उसने कहा: ठीक है भईया, आप भी आ जाओ।
और मैं पानी के नीचे जाकर नहाने लगा। उसका साबुन नीचे गिर जाता है। उसके पूरे बदन पर साबुन लगा हुआ था, और वह साबुन उठाने के लिए जैसे ही नीचे झुकती है, मेरा लौड़ा उसकी गोरी गांड के बीचो-बीच अड़ने लगता है। उसकी गांड देख कर मुझसे रहा नहीं गया। फिर मैंने उसकी कमर को पकड़ लिया।
वो खड़ी होती है और पूछती है कि: भईया आप क्या कर रहे हो?
मैं हड़बड़ाते हुए बोलता हूं कि: कुछ नहीं, तेरी नहाने में मदद कर रहा हूं।
तो मेरी प्यारी बहन मीठी सी आवाज में बोलती है कि: ठीक है भईया, आप मेरी पीठ को रगड़ दो।
अब मैं उसकी पीठ रगड़ रहा था। दोस्तों उसके बदन पर साबुन की वजह से मेरे हाथ फिसल रहे थे। मैं उसके कंधे से लेकर उसकी गांड तक के पूरे शरीर को मसलने लगा। मेरा लंड उसकी गांड पर घिस रहा था। उसकी कमर घिसते-घिसते मैंने उसको अपनी ओर खींच लिया मेरा लंड उसकी गांड पर चिपक रहा था। मैं एक हाथ से उसके पेट को रगड़ने लगा। रगड़ते-रगड़ते मेरा हाथ उसकी चूत के पास चला गया और दूसरे हाथ से उसके बोबों (बूब्स) को दबाना शुरू कर दिया। चूत पे हाथ रगड़ने की वजह से वह गर्म होने लगी।
मैं उसके बूब्स जोर से दबा रहा था, जिसकी वजह से वह कंट्रोल नहीं कर पाई और सीधी होकर मेरे गले लग गई। मैंने फिर पीछे से उसकी गांड दबानी शुरू की और उसे ज़ोर से गले लगाने लगा। उसकी गर्दन के पास में गर्म सांसे छोड़ने लगा। मैंने जो सपना देखा था वह आज मेरा सच हो रहा था।
मेरी बहन ने मुझसे कहा कि: भईया क्या आप मुझे पसंद करते हो?
इतना सुन कर मैं हां करते हुए उसको किस्स करने लगा। उसे चूमते हुए मैं उसके बोबे (बूब्स) दबाने लगा, और मैंने शावर शुरू कर दिया। उस ठंडे शावर में हम दोनों के बदन जल रहे थे। और हम दोनों बहन-भाई कामवासना की आग में यह सब भूल गए कि हम दोनों बहन-भाई है।
“कहते हैं कि चूत और लौड़े का कोई रिश्ता नहीं होता।”
यह बात मैंने सुनी जरूर थी, मगर आज होते हुए देख रहा था। हम चाह कर भी एक-दूसरे से अलग नहीं हो पा रहे थे। हम दोनों एक-दूसरे को लिप लॉक किस्स कर रहे थे। उसने अपने दोनों हाथों से मेरी गर्दन और मेरे सिर को पकड़ रखा था और मैं उसके बूब्स को जोर-जोर से दबा रहा था, और उसकी चूत को रगड़ रहा था।
इसके आगे क्या हुआ, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा। अगर आपको ये कहानी अच्छी लगी, तो मुझे मेरी इस [email protected] पे मैसेज करे।