एक फैमिली ऐसी भी-6

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हिंदी चुदाई कहानी अब आगे-

मैं नीचे लेटा था और मम्मी मेरे लंड पर छलांगें लगाते-लगाते कुछ भी बोल रही थी।

मस्ती में फुद्दी का दाना रगड़ती हुई मम्मी जोर-जोर से ऊपर-नीचे होने लगी। ऊपर-नीचे होते हुए मम्मी बोल रही थी, “आअह धीरज पूरा अंदर तक जा रहा है तेरा मस्त लंड। बस धीरज अब निकलेगा, आह… ओह… आह…‌ ले बेटा निकल गया, छोड़ गयी मेरी फुद्दी पानी। आह धीरज, पूरा अंदर तक जाता है तेरा लम्बा लंड बेटा। ऐसे ही चोदते रहना बेटा अपनी मम्मी को। क्या मस्त चुदाई करता है तू बेटा, आह धीरज, आह आह, इतना मजा भी आता है चुदाई का?”