एक फैमिली ऐसी भी-11

हिंदी अन्तर्वासना कहानी अब आगे-

“मम्मी मैंने दिव्या से ही पूछा, “दिव्या, नीचे फुद्दी में दर्द तो नहीं हो रही?

“दिव्या बोली, “हल्की-हल्की दुःख तो रही है मगर इतनी नहीं।” मम्मी ये कह कर दिव्या फिर से मेरा लंड हाथ में पकड़ कर दबाने लगी और बोली, “धीरज एक बार और चोद दो, मेरी फुद्दी फिर से लंड मांग रही है।”

“मम्मी अब आप ही बताओ, मैं करता भी तो क्या करता। एक बीस साल की कुंवारी लड़की मेरा खड़ा लंड पकड़े हुए अपनी फुद्दी खोल कर मुझे फुद्दी में लंड डालने को कह रही थी। मैं मना करता भी तो कैसे करता?”