एक फैमिली ऐसी भी-4

पिछला भाग पढ़े:- एक फैमिली ऐसी भी-3

हिंदी सेक्स कहानी अब आगे-

गांड में उंगली और फिर नंगी फुद्दी – मम्मी को इस हालत में देख कर मेरा लंड बेकाबू होने लगा था। मुझे अब फुद्दी चोदनी थी – फुद्दी में लंड डालना था, चाहे वो फुद्दी किसी की भी हो।

मैंने सोचा, “देखते हैं क्या होता है” और मैंने अपनी उंगली मम्मी की फुद्दी में डाल दी। मम्मी की फुद्दी चिकने पानी से भरी पड़ी थी। फ़ैली हुई टांगों के कारण मम्मी की चुदी हुई फुद्दी वैसे ही थोड़ी सी खुल गयी थी। जैसे ही मेरी उंगली मम्मी की फुद्दी के छेद पर पहुँची, मैंने जरा सी उंगली आगे की मेरी उंगली फिसल कर मम्मी की फुद्दी के अंदर चली गयी।