जुड़वाँ दीदियों के साथ जिस्म की चाहत-5

पिछला भाग पढ़े:- जुड़वाँ दीदियों के साथ जिस्म की चाहत-4

भाई-बहन सेक्स कहानी अब आगे-

रात के करीब दो बजे थे। घर में सब सो रहे थे। तभी दरवाज़े पर हल्की सी दस्तक हुई। मैं अंदर से यही सोच रहा था कि शायद पायल दीदी ही हों। मैंने दरवाज़ा खोला। सामने पायल दीदी खड़ी थी। उन्होंने नाइट गाउन पहन रखा था। उनके चेहरे पर हल्की झिझक थी।

नाइट गाउन का कपड़ा पतला और ढीला था। उसके नीचे उनके स्तनों का आकार साफ़ दिख रहा था। चलते समय कपड़ा हिल रहा था, जिससे उनका उभार और ज़्यादा साफ़ लग रहा था। कपड़ा शरीर से चिपका नहीं था, लेकिन फिर भी उनके शरीर की बनावट छुप नहीं पा रही थी।

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