क्लासरूम में रिया से पहला ब्लोजॉब

यह बात उस समय की है जब मैंने कॉलेज में दाखिला लिया था। मेरी गर्लफ्रेंड ने भी उसी कोर्स में एडमिशन लिया, लेकिन हमें अलग-अलग बैच में डाल दिया गया। मेरा बैच 1 था, उसका बैच 2। इसी वजह से प्रोजेक्ट ग्रुप्स भी अलग हो गए और हमारा एक-दूसरे के साथ टाइम बहुत कम मिलने लगा।

उसके ग्रुप में ज्यादातर लड़के थे, जबकि मेरे ग्रुप में एक लड़का (रवि) और दो लड़कियां स्नेहा और रिया।

रिया कमाल की दिखती थी, बड़े-बड़े, गोल बूब्स जो हर साँस के साथ हिलते। पतली कमर और गोल-मटोल गांड जो चलते वक्त लहराती। वो बहुत आउटगोइंग थी, खुल कर बात करती थी और प्रोजेक्ट ग्रुप में एक ही बेंच पर बैठने से हम दोनों काफी कम्फर्टेबल हो गए थे। हम कोशिश करते थे कि गर्लफ्रेंड के साथ टाइम निकालें, लेकिन प्रोजेक्ट्स की वजह से मुश्किल हो रहा था।

एक दिन लाइब्रेरी में प्रोजेक्ट डिस्कशन के लिए मिले रवि और स्नेहा नहीं आए, सिर्फ रिया और मैं। काफी देर काम किया, फिर ब्रेक लेकर चाय पीने कैंटीन गए। चाय पीते हुए बातें घर-परिवार से शुरू होकर जूनियर कॉलेज पर पहुँची। रिया ने हँसते-हँसते बताया कैसे उसके दोस्तों के साथ चुपके मिलते, मस्ती करते, कभी बाहर घूमते और कभी-कभी इंटिमेट मोमेंट्स तक चले जाते।