जब दीदी ने खुद को मेरे सामने खोला-9

पिछला भाग पढ़े:- जब दीदी ने खुद को मेरे सामने खोला-8

भाई-बहन सेक्स कहानी अब आगे-

वाणी दीदी के दोनों हाथ टी-शर्ट के सहारे बिस्तर से हल्के से टिके थे और वह मुझे मुस्करा कर देख रही थी। धीरे-धीरे मैंने भी अपने कपड़े खोलना शुरू किया। पहले मैंने अपनी टी-शर्ट ऊपर से पकड़ी और सिर के ऊपर खींच कर उतार दी। दीदी की आँखें मेरे सीने पर टिक गई, जैसे वह पहली बार मुझे इस तरह देख रही हो।

फिर मैंने अपनी ट्रैक पैंट की डोरी ढीली की। उसके खुलते ही कपड़ा नीचे सरक गया और दीदी की सांस एक पल को अटक गई। मैं भी शर्म और उत्तेजना के बीच खड़ा था, कपड़े उतारते समय उसकी हर नज़र मेरे अंदर तक उतर रही थी। वाणी दीदी ने धीमे से अपनी जाँघें थोड़ा और फैलाई और फुसफुसा कर बोली “अब आ जाओ…”