प्यारी सुहानी भाभी-2

पिछला भाग पढ़े:- प्यारी सुहानी भाभी-1

दो महीने बीत गए, गोपाल भैया या भाभी से कोई खबर नहीं आई। मैं भी डर के मारे फोन नहीं कर पाया। पर मुझे चिंता हो रही थी कि भाभी कैसी होगी। मेरे 4th सेमेस्टर के एग्जाम भी खतम गए। मैं अब 3rd इयर में चला गया, अब बस दो साल बचे थे इंजीनियरिंग के।

एक दिन जब मैं क्लास से हॉस्टल रूम आया तो देखा भैया का मिस्ड कॉल था। मैं तो डर गया कि अब क्या हो गया है। मैं इधर से कॉल किया भाभी को, पर भैया उठाए और बोले, “तुम आज हमारे घर आओ।”

मैं तो डर गया कि भैया ऐसे बुला क्यों रहे थे। ये सब होने के बाद, कहीं पुलिस वगैरा में पड़वा दे। मैं तो डर के मारे गया ही नहीं। अगले दिन फिर भाभी का कॉल आया और बोली: कि तुम घर आओ, ईशान भैया तुमसे बात करना चाहते है।