फिर उसने कुछ शरारत करने की कोशिश की और वह जान-बूझ कर अंदर आ गई। मैं अपनी आंखे बंद कर के मुठ मार रहा था और वह नंगी ही आकर मेरे पास गिरे कपड़े नीचे से उठाने लगी। उसकी चड्डी को मैंने हाथ में पकड़ रखा था। वो नीचे बैठ कर, सारे कपड़े निकाल कर, अपनी चड्डी ढूंढने लगी, और इतनी देर में मैंने अपना सारा माल उस पर गिरा दिया।
सारा माल गिरने पर वह पूरी गंदी हो गई और वह मुझे कहने लगी, “छी भैया, आपने मुझे गंदा कर दिया।” उसकी प्यारी मीठी आवाज सुन कर मेरी आंखें खुली और मैं डर गया। मेरा चेहरा शर्म से लाल हो रहा था फिर मैंने हड़बड़ाते हुए कहा, “बहन तू , तू यहां क्या कर रही है?”
तो बहन ने कहा, “मैं यहां क्या कर रही हूं? आप यहां क्या कर रहे हो? मैं तो यहां पर अपने कपड़े लेने आई थी। मैं ऐसे ही चली गई थी नहाने। आप कब आ गए? और मैं कपड़े ढूंढ रही थी, मुझे सारे कपड़े मिल गए लेकिन मेरी चड्डी नहीं मिल रही। वहीं ढूंढ रही थी और उसे ढूंढने के लिए मैं नीचे बैठी हुई थी। आपने मुझ पर यह क्या फेंक दिया। देखो जरा मैं पूरी गंदी हो गई, कितना चिपचिपा है ये!”
फिर इतनी देर में मैंने अपने लंड से हाथ हटाया तो उसकी जालीदार काली चड्डी मेरे लोड़े पर लिपटी हुई थी। उसने यह देखा और मेरे लोड़े से अपनी चड्डी उतारने लगी। वो कहने लगी, “छी भैया, आपने मेरी चड्डी को भी थोड़ा गंदा कर दिया। अगर आपको टॉयलेट लग रहा था तो आप बाथरूम चले जाते, यहां कमरे में क्यों कर रहे हो? देखो मैं कितनी गंदी हो गई हूँ। मुझे फिर से नहाना पड़ेगा।” और वह मुझे गुस्से से देखने लगी। “अब मैं आपकी शर्ट से ही यह साफ करूंगी।” और वह मेरे सामने ही बेड पर लेट कर मेरे माल को साफ करने लगी, जिससे मैं वहीं खड़ा होकर उसे नंगी ही देखने लगा।
दोस्तों मैं आपको क्या बताऊं, उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था। बिल्कुल चिकनी चूत थी मेरी बहन की। वह अपनी दोनों टांगें फैला कर अपने मुंह और अपने पेट और अपने बूब्स पे से माल हटाने लगी। जांघ के ऊपर थोड़ा माल गिरा हुआ था, जिसे साफ करने के लिए उसने टांगें और फैला दी और उसकी चूत की फांके ( होंठ) खुल गई। मैं यह देख कर गर्म होने लगा और मेरा लौड़ा फिर से खड़ा होने लगा।
जब मेरी बहन ने पूरा माल साफ कर लिया, तब उसने मुझे फिर गुस्से से देखा और कहा कि, “कमरे मे फिर से पोछा लगाना पड़ेगा।” और वह नीचे झुक कर मेरी तरफ पीट करके मेरी शर्ट से नीचे गिरे माल को साफ करने लगी। उसकी चौड़ी गांड देख कर मेरा मन हुआ कि इसे यही चोद दूं। लेकिन मैंने कंट्रोल कर लिया।
साफ करके जब वह सीधी खड़ी हुई, तो उसकी गांड मेरे लोड़े से टच हो गई। जब वह पीछे मुड़ी तो उसके 32″ के बूब्स मेरे सामने हवा में झूल रहे थे। फिर उसने अपने कपड़े उठाये और कहा कि, “मैं नहाने जा रही हूं, अब कुछ मत करना।” और वह वापस नहाने चली गई
फिर मैं कपड़े पहन कर वहीं बेड पर लेट गया और टीवी देखने लगा। मुझे डर था कहीं मेरी बहन मेरी मम्मी को ना बता दे, इसलिए मैंने ज्यादा कुछ बोला नहीं। 10 मिनट बाद मेरी बहन कमरे में आई और कमरे में नीचे पोछा लगाने लगी और चलने लगी। यह देख कर मैं कमरे से बाहर आ गया और शर्म के कारण मैं कहीं दूर चला गया।
रात को 11:00 बज रहे थे। मेरी बहन के अब तक 40 मिस कॉल आ चुके थे। मुझे शर्म आ रही थी उससे बात करने में और घर जाने में। पर मेरी बहन घर पर अकेली थी और रात भी बहुत हो चुकी थी, इसीलिए मैंने सोचा कि जब वह सो जाएगी तब मैं घर जाऊंगा। मैं जब घर गया तो मैंने देखा कि मेरी बहन अकेली रो रही थी। मैं घबरा गया पूछा कि, “क्या हुआ, तू रो क्यों रही है?” तो उसने बताया कि उसे डर लग रहा था कि, “मैंने तुमको बहुत कुछ बोला इसलिए मेरा भाई मुझे अकेले छोड़ कर चला गया। मैं मम्मी को क्या बोलती? तुम मेरा फोन भी नहीं उठा रहे थे। इसलिए मैं डर गई थी।”
तो मैंने उसे चुप कराया और मैंने उसे सॉरी बोला और कहा कि, “तुमने मुझे नंगा देख लिया था, इसलिए मुझे शर्म आ रही थी, इसलिए मैं घर नहीं आ रहा था।
“इतनी सी बात पर कोई घर छोड़ कर जाता है क्या? अपनी बहन से कौन शर्माता है? मैंने तो आपको बचपन से नंगा देखा है।”
यह बात सुन कर मैं थोड़ा चुप हो गया और मैंने कहा कि, “बचपन की बात अलग है। अब हम बड़े हो चुके हैं।”
तो बहन ने कहा, “कैसे अलग है? पहले भी आप मेरे भाई थे और मैं आपकी छोटी बहन। कुछ अलग नहीं है, अब आप हाथ-मुंह धो लो, और खाना खा लो।”
आज की कहानी यहीं तक। अगर आपको ये कहानी अच्छी लगी, तो मुझे [email protected] पर मैसेज करे। और इसकेे अगले पार्ट्स मैं जरूर लिखूंगा। आपका अपना मित्र, डूम।
अगला भाग पढ़े:- खूबसूरत कुंवारी बहन के जिस्म से खेला-2