मेरी पहली कहानी: एक पारिवारिक किस्सा-1

नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राजा है। यह मेरी पहली कहानी है, जो पूरी तरह से एक सत्य घटना पर आधारित है। मेरे परिवार में मेरे माता-पिता और मेरी दो प्यारी बहनें हैं, जिन्हें हम घर में प्यार से रानी और राजकुमारी पुकारते हैं। हम तीनों के नाम हमारी दादी ने बड़े लाड़ से रखे थे। हमारा ताल्लुक बिहार के एक प्रतिष्ठित ज़मींदार परिवार से है और हमारी पुश्तैनी सैकड़ों बीघा ज़मीन है।

मेरे पापा का व्यक्तित्व काफी प्रभावशाली है। वे 5’10” लंबे, गोरे और बेहद स्मार्ट हैं— बिल्कुल अभिनेता धर्मेंद्र की तरह।

उनकी कद-काठी गठीली और मांसपेशियां उभरी हुई हैं। वे वर्तमान में एक सरकारी कॉलेज में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत हैं।

वहीं मेरी मम्मी भी किसी से कम नहीं हैं। उनकी लंबाई 5’6″ है और वे बेहद सुंदर, सुडौल और आकर्षक व्यक्तित्व की स्वामिनी हैं। उन्हें देख कर कोई अंदाज़ा नहीं लगा सकता कि वे तीन बच्चों की माँ हैं। मम्मी काफी पढ़ी-लिखी हैं, उन्होंने प्राथमिक विद्यालय की शिक्षक परीक्षा भी पास कर ली थी। लेकिन दादी की रूढ़िवादी सोच और पारिवारिक दबाव के कारण वे नौकरी नहीं कर पाईं।