हिंदी सेक्स कहानी शुरू करते है-
मेरी फैमिली में मम्मी-पापा, मैं और एक भाई है। मेरी उम्र 18 साल है, भाई की उम्र 19 साल। भाई बाहर होस्टल में पढ़ता है। पापा लगभग 50 साल के है। मेरी मम्मी 41-42 की एक कसे हुए बदन की औरत है। मम्मी की हाइट साढ़े पांच फुट के आस-पास है, सांवला रंग गोल भरा हुआ चेहरा। मम्मी के कसे हुए, तने, चट्टान जैसे 36″ साइज के बड़े-बड़े मम्मे टाइट ब्रा और ब्लाउज में हमेशा खड़े रहते हैं।
मम्मी के बड़े खरबूजे जैसी छातियां गोल है और दोनों छातियों के बीच बड़ी गहरी खाई है जिसमें ब्लाउज में धंसे मम्मे अलग ही दिखाई देते हैं। 32″ साइज की पतली और चिकनी कमर पर कमल के फूल की तरह नाभि और चौड़े कूल्हे है, और 36″ साइज के पुष्ट नितम्ब है।
मम्मी कूल्हे के नीचे टाइट साड़ी पहनती हैं, तो मम्मी के गुदांज नितम्ब और उभर आते हैं। मम्मी के चेहरे पर भरपूर नमक है, जिसके कारण उनका सेक्सी बदन चमकता रहता है और बिना मेकअप के भी मादकता चेहरे पर झलकती है। मम्मी 30-32 साल की कड़क माल लगती है इस उम्र में भी।
मोहल्ले के जवान से लेकर बुड्ढ़े तक मम्मी की जवानी का आते-जाते रसपान करने की फिराक में रहते हैं। मेरे पापा सरकारी नौकर है। चार-पांच महीने पहले पापा को सस्पेंड कर दिया। जिसकी वजह से घर में परेशानी थी। हमारा घर एक गली में था। गली में दोनों तरफ मकान थे। उस गली में भी एक गली थी जिसमें 2 मकान थे जिसमें 1 हमारा घर और 1 दूसरे का था।
दूसरे मकान में एक 30-32 साल का लड़का कमल रहता था। कमल भैया देखने में हैंडसम और अच्छी कद-काठी के मर्द थे। कमल भैया के परिवार में कोई नहीं था, वो अकेले रहते थे। दो-तीन साल पहले उनके मां-बाप की डेथ हो गई। कमल भैया की शादी भी नहीं हुई थी। वो मम्मी-पापा को चाचा-चाची कहते। कमल भैया से हमारे घर जेसे संबंध थे।
नौकरी छूटने की वजह से मेरे पापा बड़े परेशान थे। घर पर पैसों की तंगी हो गई थी। पापा ने कई यार दोस्तों से कर्जा लिया था। कमल भैया ने हमारी बड़ी मदद की थी। पापा और मम्मी दोनों ही उनका बहुत अहसास मानते थे। बुरे वक्त में कमल भैया हमारे साथ खड़े रहे। कमल भैया पापा और मेरे जाने के बाद भी घर आ जाते थे और मम्मी से बाते करते थे।
क्यूंकि मम्मी को वो चाची कहते थे, तो उन पर किसी को कोई ऐसी शक बाली बात भी नहीं थी। कुछ दिन पहले पापा वापस बहाल हो गए और आर्थिक तंगी भी लगभग खत्म हो गई। कमल भैया अभी भी लगातार घर आते-जाते रहते थे। मम्मी धीरे-धीरे कमल की तरफ आकर्षित होने लगी थी। अब फोन पर भी पापा के ना होने पर कमल से बात कर लेती थी।
कमल भैया भी मौका देख कर घर आ जाते और मम्मी की गर्म जवानी को आंखों से ताड़ते रहते थे। मम्मी भी समझ गई थी कि कमल उन्हें चाहता था। जब आदमी समस्या में होता है, तब केवल उसे सुलझाने में लगा रहता है और जब कोई समस्या नहीं होती जीवन में, तो उसकी कामवासना भी जोर मारने लगती है।
पापा की सेक्स की प्रति बेरुखी से भी मम्मी परेशान थी। पेट की भूख के साथ शरीर की भूख बुझना भी जरूरी है। अंदर ही अंदर मम्मी का काम ज्वार उफान मार रहा था। एक दिन पापा किसी काम से शहर से बाहर गए हुए थे और केवल मैं और मम्मी ही घर पर थे। दोपहर का समय था। मैं उस समय हल्की नींद में सोई थी।
मैंने देखा कि मम्मी ने हल्का सा मेकअप किया हुआ था। गुंदाज नितम्बों पर कसी गहरी लाल साड़ी, टाइट ब्लैक ब्लाउज में खड़ी हुई सुडौल चूंचियां, कमर तक नीचे पोनी टेल में कसे बाल, सुराहीदार गर्दन, उफ्फ किसी भी मर्द को घायल करने के लिए काफी है। मम्मी बहुत सुंदर दिख रही थी। मम्मी ने हल्के से दरवाजा बंद किया जिससे आवाज ना हो और चली गई।
पहले भी मम्मी काम से ऐसे ही दरवाजा बंद कर मुझे अकेला छोड़ जाती थी। गली के मोड़ पर कमल भैया खड़े थे और उनके मकान का गेट खुला था। मम्मी चुप-चाप उनके गेट में घुस कर उनके घर में चली गई। कमल भैया ने इधर-उधर देखा और घर में घुस गए और गेट को अंदर से लॉक कर लिया। मम्मी चुप-चाप अंदर बिस्तर पर गर्दन झुकाये बैठी थी। उनकी सांस तेज चल रही थी, जिसकी वजह से मम्मी के बड़े-बड़े कठोर मम्मे बड़े मादक तरीके से उपर-नीचे हो रही थे।
चेहरे पर घबराहट की वजह से पसीना आया हुआ था। साड़ी ब्लाउज में बैठी मम्मी को देख कर कमल भैया ने स्माइल की। फिर पास आकर खड़े हो गये। मम्मी बहुत शर्मा रही थी। कमल भैया ने मम्मी के चेहरे को दोनों हाथों से पकड़ कर उपर किया। शर्म के मारे मम्मी का चेहरा लाल हो रहा था। कमल ने मम्मी के गाल पर किस्स किया और मम्मी से सट कर बैठ गया। कमल भैया ने मम्मी की चिकनी कमर में हाथ डाल अपनी तरफ खींच लिया।
मम्मी के कठोर मम्मे कमल के सीने में धंस गए। कमल ने अपने होंठ मम्मी के होंठों से चिपका दिए। कमल ने मम्मी के होंठो को चूसना शुरू कर दिया। मम्मी ने भी अपने बाहों का हार कमल के गले में डाल दिया।कमल के होंठ मम्मी के होंठों के रस को पिए जा रहे थे। कमल मम्मी की रसीली जीभ को चूस रहा था। कमल के हाथ मम्मी के गोल चुनचुनो पर रेंगने लगे।
कमल मम्मी के कठोर नारियलों को हल्के-हल्के दबा रहा था। मम्मी हल्की हल्की सिसकारियां मार रही थी। लगातार होंठ चूसने की वजह से उनके होंठ लाल हो गये थे, शायद कमल ने मम्मी के होंठो को काट लिया था। अब कमल भैया ने मम्मी को बेड पर लिटा दिया और अपनी कमीज़ बनियान उतार कर मम्मी के उपर आ गया और मम्मी के रसीले होंठों को चूसने लगा।
कमल भैया ने मम्मी के मम्मों को थाम रखा था और दोनों हाथो से उनको हल्के-हल्के दबा रहे थे। मम्मी उत्तेजक सिसकारियां भर रही थी आहहह आऊ। मम्मी बड़ी बेचैन हो रही थी। अब कमल ने मम्मी के ब्लाउज के बटन खोलने शुरू किये। मम्मी के ब्लैक ब्रा में कसे हुए मम्मों को देख कमल पागल हो गया। कमल भैया ने मम्मी का टाइट ब्लाउज़ उतार दिया और ब्रा के उपर से मम्मी के खरबूजों को मुंह में भर कर चूसने लगे।
फिर कमल ने मम्मी को पलट कर अपने से चिपका लिया। मम्मी की छातियां कमल के सीने में धंस गई । दोनों की गर्म सांसें निकल रही थी। कमल फिर मम्मी के गुलाबी होंठों को चूसने लगा। कमल ने अपने हाथ मम्मी के गुदाज नितंबों पर कस दिए और साड़ी के ऊपर से मम्मी के नितम्बों को सहलाने लगा।
कमल भैया ने अपना हाथ मम्मी की साड़ी में सरका दिया और मम्मी की छोटी सी मुनिया को पेंटी के ऊपर से ही छेड़ने लगे। मम्मी आनंद भरी उत्तेजक सिसकारियां भरने लगी। कमल भैया का पैंट में कसा मोटा लंड मम्मी की मुनिया में धंसा जा रहा था। कमल ने मम्मी को फिर अपने ऊपर ले लिया और उनके होंठों को चूसते हुए नितम्बों को सहलाने लगे।
उसका एक हाथ से पेटीकोट के ऊपर से मम्मी की चूत को सहला रहा था। अब कमल भैया ने मम्मी का पेटिकोट उतार दिया। मम्मी की मांसल जांघें, कटीदार नितम्ब, टाइट लो वेस्ट पेंटी में उभरी मम्मी की चूत पानी छोड़ रही थी। कमल भैया मम्मी के अंगूठे से लेकर मम्मी की मांसल जांघों को चूमने लगे। कमल ने मम्मी के नितम्बों को उंचा कर भीगी पेंटी को निकाल फेंका। स्वर्ग का द्वार सामने थे।
मम्मी की मुनिया के होंठ फड़फड़ा रहे थे। बाल रहित गुलाबी चूत पर कमल भैया ने एक चुंबन जड़ दिया। मम्मी की सिसकारी निकल गई आह! कमल भैया ने अपनी जीभ चूत के छेद में डाल दी। मम्मी ने उत्तेजना में कमल भैया का सिर पकड़ लिया और अपनी चूत पर रगड़ने लगी। लंबी चुसाई से मम्मी आहें भर रही थी।
फिर कमल भैया मम्मी के उपर चढ़ कर उनकी कठोर चूचियों को मसलने लगे। मम्मी के निपल कमल के मसलने से सुर्ख लाल हो चुके थे और अब कमल उत्तेजना में मम्मी के पपीतों को ब्रा के उपर से ही बेदर्दी से रगड़ रहा था। मम्मी के मुँह से दर्द भरी सिसकरियांं निकल रही थी। एक बात थी कि दोनों मे कोई बात नहीं हुई थी। बस जैसे आंखों से एक-दूसरे से बातें कर रहे थे।
कमल ने मम्मी की चूत के दरवाजे को कुरेदते हुए चूत में एक उंगली डाली। मम्मी उछल पड़ी उईईई। मम्मी की चूत बहुत टाइट थी जिसमें कमल भैया की ऊंगली कसी-कसी जा रही थी। दो बच्चो की मां होने के बाबजूद मम्मी की चूत और और छातियां गजब टाइट थी। मम्मी का पूरा बदन ही सुडौल और कसा हुआ था। जिसकी वजह से कमल को ज्यादा मजा आ रहा था जैसे किसी कुंवारी लड़की को चोदने जा रहा हो। कमल ने अभी पेंट नही उतारी थी। उसका लंड पेंट मे बेचैन हो रहा था। अब कमल ने पेंट उतारनी शुरू की।
इसके आगे क्या हुआ, वो अगले पार्ट में।
अगला भाग पढ़े:- मम्मी का आशिक-2