जुड़वाँ दीदियों के साथ जिस्म की चाहत-9

पिछला भाग पढ़े:- जुड़वाँ दीदियों के साथ जिस्म की चाहत-8

भाई-बहन सेक्स कहानी अब आगे-

रात के तक़रीबन दस बजे मैं, नेहा दीदी और पायल दीदी होटल लाॅबी में खाना खाने के लिए चले गए। चलते हुए जब भी पायल दीदी के हाथ मेरे पास से गुजरते मुझे वहीं पल याद आते जब उन्होंने मेरे लंड को पकड़ा था। उनके वह मुलायम हाथ मेरे यादों से जाने के लिए मना कर रहे थे।

अगले ही पल जब हम कुर्सियों पर आकर बैठ गए, तब मैंने एक बात साफ़ महसूस की। आस-पास बैठे कुछ लोग बार-बार नेहा दीदी और पायल दीदी की तरफ़ देखने लगे। उनकी खूबसूरती ऐसी थी कि नज़रें अपने आप खिंच जाती थी। कोई एक पल देखता, फिर नज़र हटाता, और थोड़ी देर बाद फिर उसी तरफ़ लौट आती।