पिछला भाग पढ़े:- कामवाली लड़की की चुदाई प्यार से-1
नमस्कार दोस्तों, मैं कुणाल अपनी कामवाली की चुदाई कहानी का अगला पार्ट लेके हाजिर हूं। पिछला पार्ट तो आप सब ने पढ़ ही लिया होगा। अगर नहीं पढ़ा है तो पहले उसको जरूर पढ़ ले।
पिछले पार्ट में आपने पढ़ा कि मेरी पूरी फैमिली किसी धार्मिक स्थल पर गई थी। बीवी के घर पर ना होने से मैं चुदाई के लिए तड़प रहा था। फिर मेरी नज़र हमारी नौकरानी लीला पर पड़ी। खाने के वक्त मैंने उसको अपने साथ खाना खाने के लिए कहा और उसके साथ उसके बॉयफ्रेंड की बातें करने लगा। जब मैंने उससे पूछा कि उसने अपने बॉयफ्रेंड के साथ किया कि नहीं, तो वो बोली-
लीला: कहां करेंगे। सारा दिन काम पे होती हूं। उसके पास जगह भी तो नहीं है।
ये सुन कर मैं समझ गया कि लड़की तो चुदाई के लिए तैयार थी, लेकिन दिक्कत जगह की थी।
अब आगे-
मैं: अच्छा, मतलब मिलन करने में दिक्कतें आ रही है (मैंने शरारती तरीके कहा)।
लीला मेरी बात सुन कर शर्मा गई। फिर मैंने कहा-
मैं: अभी घर में कोई नहीं है। तो तुम चाहो तो अपने बॉयफ्रेंड को यहां पर बुला सकती हो।
वो ये सुन कर खुश हो गई।
फिर बोली: सच में भैया?
मैं: हां, बिल्कुल। लेकिन क्या तुम्हें पता है किसी मर्द को कैसे खुश करते है?
लीला: जी नहीं, मैंने कभी किया नहीं है। और ना ही कभी किसी से इसके बारे में बात की है।
मैं: अरे फिर पहले थोड़ा सीख लो। नहीं तो तुम्हारा बॉयफ्रेंड तुमसे नाराज़ हो जाएगा।
वो टेंशन में आ गई और बोली: लेकिन भैया मैं सीखूं कहां से?
मैं: तुम्हारी की सहेली होगी, उसको बोलो तुम्हें बताए।
लीला: सारा दिन तो काम पर रहती हूं। सहेली कहां से आएगी?
मैं: अच्छा, तो फिर एक काम कर सकते है।
लीला: क्या भैया?
मैं: अगर तुम चाहो तो मैं तुम्हें सिखा सकता हूं।
लीला: भैया आप?
मैं: हां, मैं शादी-शुदा हूं। मुझे सब पता है। मैंने सब कुछ किया हुआ।
लीला अब कुछ सोचने लग गई। मुझे लगा कहीं मना ना कर दे। इसलिए मैंने थोड़ा और पंप भरा उसके अंदर।
मैं: देखो ऐसा कई बार होता है। पहली बार लड़का कुछ करने लगता है, लेकिन लड़की मना कर देती है। इससे लड़का नाराज़ हो जाता है और रिश्ता तोड़ देता है। अगर तुम पहले से तैयार रहोगी कि क्या हो सकता है और क्या नहीं, तो कोई दिक्कत नहीं होगी। मैंने देखा है अपने एक दोस्त को उसकी गर्लफ्रेंड को छोड़ते हुए।
ये सुन कर लीला घबरा गई और बोली: नहीं-नहीं, आप मुझे सिखा दो।
मैं: चलो खाना खा कर शुरू करते है।
फिर हमने खाना खत्म किया। उसने बर्तन धो कर अपना काम खत्म किया और फिर मेरे पास आ गई। मैंने उसको सोफा पर बिठाया और कहा-
मैं: देखो अब तुम मुझे अपना बॉयफ्रेंड समझो। मैं जो भी करूंगा तुम ध्यान से देखना और फील करना। मैं तुम्हें बताता रहूंगा साथ-साथ की वो क्या करेगा और कैसे करेगा।
लीला: ठीक है भैया।
फिर मैंने उसको अपने साथ सोफा पर बिठा लिया और उसके साथ चिपक कर बैठ गया।
मैं: अगर तुम फिल्म देख रहे हो, तो वो ऐसे तुम्हारे साथ बैठेगा और धीरे से तुम्हें टच करेगा।
ये बोल कर मैं अपना हाथ उसकी जांघ पर रख देता हूं और धीरे-धीरे सहलाने लगता हूं। उसकी जांघ बहुत सॉफ्ट थी। हाथ लगाते ही मेरा लंड खड़ा हो गया। मैं हाथ फेरता गया, लेकिन उसने कुछ नहीं कहा।
फिर मैंने कहा: तुम्हें बस ऐसे ही बैठे नहीं रहना है। तुम्हें भी हाथ आगे बढ़ाना है।
ये बोल कर मैंने उसका हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया। मेरा लंड पूरी तरह से सख्त था, तो लंड पर हाथ रखते ही उसकी आँखें बड़ी हो गई।
तभी उसने हाथ हटाया और बोली: ये क्या है, इतना बड़ा!
मैं: अरे इससे भी बड़ा हो सकता है उसका। लेकिन इस तरह से घबराओगी और हाथ हटाओगी तो वो बुरा मान जाएगा। उसको लगेगा तुम उसका लंड देख कर खुश नहीं हुई। इससे उसको लगेगा कि तुम्हारा किसी के साथ चक्कर है और तुम्हें उसका लंड छोटा लग रहा है। इसलिए तुम्हें हाथ हटाना नहीं है, बल्कि इसको धीरे-धीरे प्यार से सहलाना है।
ये बोल कर मैंने दोबारा उसका हाथ अपने लंड पर रख दिया, और धीरे-धीरे सहलाने लगा। जब वो अपने आप से सहलाने लगी, तो मैंने उसके हाथ से अपना हाथ हटाया और दोबारा अपना हाथ उसकी जांघ पर रख दिया और सहलाने लगा।
उसकी जांघ सहलाते हुए मैं धीरे-धीरे उसकी चूत के पास गया। फिर मैंने कपड़ों के ऊपर से उसकी चूत पर अपना हाथ रख दिया। मेरे चूत पर हाथ रखते ही वो कांप गई। लेकिन इस बार उसने कुछ बोला नहीं। मैं समझ गया कि वो समझ चुकी थी कि मैं उसको सिखाने के लिए ही सब कर रहा था।
जब उसने कुछ नहीं कहा, तो मैं अपना हाथ उसकी चूत पर रगड़ने लगा। वो थोड़ा हिलने लगी और उसकी सांसें तेज होने लगी। मैं समझ गया वो गरम हो रही थी। धीरे-धीरे मैं चूत पर हाथ का दबाव बढ़ाने लग गया। उसकी चूत अब गीली होने लगी थी, क्योंकि मुझे उसकी लेगिंग्स के ऊपर से चूत के हिस्से पर नमी महसूस होने लगी थी।
फिर मैंने कहा: शाबाश! यहाँ तक तुमने बहुत अच्छा किया। अब ये सब करने के बाद वो तुम्हारे करीब आएगा और अपने चेहरे को तुम्हारे चेहरे के करीब लाएगा। जब वो ऐसा करेगा, तो तुम्हे चेहरा हटाना नहीं है, बल्कि वहीं रखना है।
फिर मैं उसके चेहरे के करीब अपना चेहरा ले गया। अब मेरे होंठ उसके गालों के बिलकुल करीब थे। उसके पास से एक अलग सी खुशबू आ रही थी। ये खुशबू थी जवानी की, जिसको मैं कुछ ही देर में भोगने वाला था। फिर मैंने उसके गाल पर किस्स कर दिखा।
जैसे ही मैंने उसके गाल पर किस्स किया, उसने हैरान हो कर मुझे देखा।
फिर मैंने कहा: हां, बिल्कुल ऐसे ही देखना है तुम्हें उस वक्त भी। लेकिन पीछे नहीं हटना है। और फिर वो तुम्हारे होंठों पर किस्स करेगा।
ये बोल कर मैंने अपने होंठ उसके होंठों के साथ चिपका दिए।
इसके आगे क्या हुआ, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा। यहां तक की कहानी कैसी लगी, [email protected] पर फीडबैक दीजिए।