भाभी: अह… अह… बाबू, कितना मजा आ रहा है!
मैं: आई लव यू भाभी, मैं आज रुकने वाला नहीं।
भाभी: कौन रुकने बोल रहा? ऐसे ही चोदो मुझे… आह। इतना अच्छा मुझे कभी नहीं लगा। मैं मर जाऊंगी।
मेरा पूरा लंड उनके चूत में अंदर तक घुसा हुआ था। उनका चूत पूरा गिला हुआ पड़ा था। थप-थप की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी। भाभी की आवाज मुझे और पागल कर रही थी। मैं पूरे जोश में था। उनको पूरे जोश से चोद रहा था। हम मिशनरी पोजीशन में सेक्स कर रहे थे।
भाभी: अह बाबू करते रहो,और बाबू अह अह अह बाबू… आई लव यू बाबू। पूरा लेलो बाबू। मेरा बाबू दूध पियो बाबू अह अह।
मुझे कोई होश नहीं था घर में कौन आ रहा-नहीं आ रहा। भाभी भी मदहोश हो गई थी। पिछले आधे घंटे से हम चुदाई कर रहे थे। अचानक से कमरे का दरवाजा खुला और जोर से गोपाल भैया की आवाज आई-
गोपाल भैया: ये क्या कर रहे हो तुम लोग (पूरा गुस्से में लग रहे थे)?
मैं तो पूरा डर गया और पीछे मुड़ के देखा तो भैया गुस्से से हमे इस पोजीशन में देख रहे थे। मैं जल्दी से भाभी से दूर उठ खड़ा हुआ। मेरा लंड अभी भी भाभी के जूस से गीला था। भाभी का जूस मेरे लंड से जमीन पे टपक रहा था। पर शर्म से मेरा मुंह नीचे झुक गया। भाभी भी जल्दी से सामने पड़ा कंबल उठा कर अपना दूध सा गोरा बदन धक ली।
एक-दो मिनट तक तो कोई कुछ नहीं बोला। पूरा कमरा शांत मानो भूत देख लिया। वैसे वो देखता तो अच्छा होता। ये तो उससे भी खराब है। फिर थड़ी देर बाद-
भाभी (रोते हुए): सॉरी, मुझसे गलती हो गई।
भाभी के आंखो से आंसू आने लगे। वो रोने लगी। मैं तो डर से भैया की ओर देख भी नहीं पा रहा था। फिर थोड़ा हिम्मत करके भैया की और देखा तो उनका चेहरा पूरा नम हो गया, मानो उनकी दुनिया ही उजड़ गई हो।
भैया (धीरे से बोले): ईशान हॉस्टल जाओ अपने।
मैं कुछ नहीं बोल पाया। कपड़े पहने और हॉस्टल आ गया। और सोचने लगा कि कैसे ये सब हो गया।
तो अपने बारे में बता दूं कि मेरा नाम ईशान है। मैं अभी इंजीनियरिंग कर रहा हूं 3rd इयर का स्टूडेंट्स हूं। और ये कहानी स्टार्ट हुई जब मैं फर्स्ट इयर में था।
भाभी का नाम सुहानी है। और भैया गोपाल। दोनों के शादी को 5 साल हो गए थे, पर अभी कोई बच्चा नहीं था। दोनों बिहार से थे। तो स्टार्ट से बताता हूं-
मैं बचपन से ही पढ़ने में अच्छा था। मेरे नंबर हमेशा अच्छे आते थे। पर 12th के टाइम तबियत खराब होने के वजह से JEE मेंस मेरा खराब चल गया और अच्छे iit और nit का सपना टूट गया। पर इतना स्कोर कर लिया था कि स्टेट में सरकारी कॉलेज मिल गया। जहां प्लेसमेंट अच्छे थे।
अब कॉलेज आने के सोचा लड़की पटाऊं। पर बचपन से कोई लड़की से बात ना करने की वजह से, लड़की पटाएं कैसे पता ही नहीं था। किसी तरह एक लड़की कॉलेज में पसंद आई और उससे बात करने की कोशिश की। नंबर कहीं से जुगाड़ कराया और मैसेज करा।
मैं: हे, मेरा नाम ईशान हैं, और मैं तुम्हारा बैचमेट हूं।
रिया (उसका नाम रिया था): हे।
मैं: तुम इलेक्ट्रिकल ब्रांच में हो ना?
रिया: हां।
मैं: और मैं cse (कंप्यूटर साइंस ब्रांच) में हूं।
रिया: अच्छा।
अब मेरे पास कुछ बोलने के नहीं था तो मैं शांत हो गया। थोड़ी देर बाद उसका मैसेज आया।
रिया: तुम आज शाम क्या कर रहे हो?
मैं: कुछ नहीं, बस कॉलेज थोड़ा घूमने का सोच रहा हूं।
रिया: हां यार मुझे भी एक बार पूरा कैंपस देखना है। मिलते है फिर चार बजे कैंटीन के पास।
मेरा दिल तो जोर से धड़कने लगा। इससे पहले मैं कभी लड़की के साथ अकेले कहीं नहीं गया। पर मेरा यही चांस था तो मैं छोड़ना नहीं चाहता था। इसलिए हां बोल दिया मिलने के लिए।
शाम के चार बजे:-
मैं तैयार होके पहुंच गया। वो भी आई।
रिया: तुम ही ईशान हो ना?
मैं: हां मैं ही हूं। मैं तो तुम्हें देखते ही पहचान लिया।
रिया: कैसे? हम तो पहले कभी मिले नहीं, फिर कैसे पहचाना?
मैं: अरे तुम्हारा प्रोफाइल फोटो देखा ना। (जबकि मैं पहले से ही उससे देख रखा था क्लास जाते समय)।
रिया: पर तुम अपने प्रोफाइल फोटो जैसे बिल्कुल नहीं लगते, लंबे हो बहुत।
मैं अपने बारे में बता दूं तो मैं 5’10” लंबा हूं, बस थोड़ा पतला हूं। और रंग भी थोड़ा सावला से ऊपर है पर उतना भी गोरा नहीं हूं। और रिया तो पूरी ही गोरी थी, बस कद थोड़ा छोटा था 5 फुट शायद, ज्यादा से ज्यादा।
फिर हम चलने लगे कैंपस देखने। मुझे तो पता ही था अब बोलूं क्या। बस शांति से चले जा रहे थे। मैं बहुत नर्वस फील कर रहा था। वो शायद समझ गई थी। फिर उसी ने बोलना स्टार्ट किया।
रिया: अच्छा तुमको मेरा नंबर कैसे मिला?
मैं तो अचानक डर गया अब मैं कैसे इसको बताऊं कि कैसे नंबर मिला। फिर मैंने सोचा सच ही बता देता हूं।
मैं: वो तुमको क्लास जाते दो-तीन दिन देखा और तुम मुझे बहुत अच्छी लगी। इसी लिए तुम्हारा नंबर दोस्त से जुगाड़ कराया और मैसेज किया। आई एम सॉरी।
रिया: अरे इसमें सॉरी बोलने की जरूर नहीं। मैं भी हॉस्टल रूम बैठे बोर हो रही थी। अच्छा किया तुमने मैसेज किया। होनेस्टी अच्छी लगी मुझे।
मैं तो ये सुन के खुश हो गया।
अच्छा तुम कहा से हो? और ऐसे ही बात करते-करते हम पूरा कैंपस घूम लिये। ज्यादा समय तो वही बोल रही थी। मैं तो कुछ बोल ही नहीं पा रहा था। पर उसको सुन के अच्छा लगा।
शाम 7 बजे तक मैं वापस रूम आ गया। और जहां-जहां हम गये वही सब याद कर रहा था। फिर 8 बजे मेस से खाना खा के रूम में यूट्यूब देख रहा। फिर अचानक उसका कॉल आया।
रिया: क्या कर रहे हो?
मैं: कुछ नहीं बस खाना खाके आया और यूट्यूब देख रहा था।
रिया: ओह अच्छा, क्या देख रहे थे यूट्यूब में?
और ऐसे ही हम 2-3 घंटे बात कर लिये। मुझे तो यकीन नहीं हो रहा था कि इतनी सुंदर लड़की से मैं इतना बात कर पाया। रात को बहुत खुश होके सोया।
फिर अगले सुबह मैंने मॉर्निंग मैसेज किया उधर से रिप्लाई आया। और ऐसे ही हम बात करने लगे। रोज शाम को कही घूमने जाते और रात में बाते करते।
एक दिन तो मां का फोन आया और वो बोलने लगी: कहां बिज़ी रहता है इतना? जभी फोन करो तो बिज़ी बताता है।
मैं तो कुछ भी बोल के बात टाल दिया।
ऐसे ही हमारी बात 3-4 महीने हुई। मुझे लगा अब प्रपोज कर देना चाहिए। उस शाम हम फिर मिले और मैं एक रेड गुलाब का फूल ले गया और प्रोपोज कर दिया। वो अचानक सरप्राइस हो गई, पर लास्ट में मान गई। अब हम बीएफ-जीएफ बन गए थे।
अगले दिन मैंने अपना फर्स्ट (किस्स) किया। पर वो स्कूल में किसी को डेट कर चुकी थी तो ये उसका पहला नहीं था। जो भी हो, मैं तो उसके प्यार में पागल हो गया था। मैं बहुत खुश रहने लगे था। फिर हमारे फर्स्ट सेमेस्टर का एग्जाम स्टार्ट हुआ और बात करना थोड़ा कम हो गया।
पर मैं कभी कॉल करता बिज़ी आता उसका कॉल। मैंने इग्नोर किया लगा पढ़ाई से रिलेटेड कुछ काम होगा उसको। पूरे अच्छे से तैयारी करके एग्जाम दे दिया। फाइनली एग्जाम खत्म और पहला सेमेस्टर भी खतम।
मैंने सोचा अब रिया बेबी से बात किया जाए। उसको कॉल किया तो उसका फोन अभी भी बिजी आ रहा था। मैंने उसको मैसेज किया कि आज शाम मिलते है।उसने सीन करके छोड़ दिया। लगा आ जाएगी। पर शाम को कैंटीन में मैं अकेला बैठा रहा, पर वो आई नहीं। मैं बहुत गुस्से में था।
वापस जाते हुए मैं इस बार मैं उसके हॉस्टल तरफ से जा रहा था। हॉस्टल के नीचे देखा तो वो किसी लड़के को गले लगा रही थी। मैं पहले से गुस्से में था, इतने दिन से ना बात हुआ, ना ही मिलने आई, और मैं जाके उस लड़के को थप्पड़ जड़ दिया। हमारी लड़ाई होने ही वाली थी कि रिया बीच में आ गई और बोली ये मेरा एक्स बॉयफ्रेंड है। मैं तो हैरान रह गया कि ये मेरे पीठ पीछे अपने पुराने यार के साथ मस्ती कर रही थी।
फिर मैंने पूछा: ऐसा क्यों किया तुमने ?
वो बोली-
रिया: यार ये मेरा पहला प्यार है, नहीं भूल सकती इसको। और मैं इसके साथ वो सब कर चुकी हूं।
मैं: तो क्या?
रिया: तुम तो यार सेक्स की बात भी नहीं करते। एक किस्स किया वो भी मेरे बोलने पे। तुम तो मर्द जैसे बिहेव भी नहीं करते। लड़की जैसे पतले-दुबले हो। सारे मेरे दोस्त मजाक उड़ते थे कि किस चौमू को डेट कर रही। और फिर मेरे एक्स का मैसेज आया और फिर वो सारी बाते, वो पल याद आए जो इसके साथ बिताए थे। तुम तो कुछ बोलते भी नहीं सब मुझको करना पड़ता था। अब मैं नहीं रह सकती तुम्हारे साथ।
मैं ब्रेकअप करती हूं तुमसे।
उसका एक्स ये सब सुन के हंस रहा था मुझपे। मुझे तो समझ में नहीं आया कि ये मेरे साथ हुआ क्या। मैं वह से तुरंत वापस आ गया अपने रूम में। मेरी आंख से आंसू गिरने लगे अपने आप और मैं रोने लगा। जिससे इतना प्यार किया, जिसके साथ अपनी शादी और फ्यूचर देख रहा था वो ऐसे निकली। मैं टूट गया था बिल्कुल अंदर से।
अब तो क्लास में मन भी नहीं लगता। मन करता कहीं चला जाऊं बस। इस बात को 2 महीने हो गए, अब भी कभी-कभी उसकी याद आ जाती थी। पर अब मैं सोच लिया था कि बस अब हो गया रोना, अपने पे काम करूंगा, जिम जाऊंगा और बॉडी बनाऊंगा, और कभी किसी को डेट नहीं करूंगा, बस अब फिजिकल होगा।
तो दोस्तो ये है पहला पार्ट, आशा है कि पसंद आया होगा, आगे कैसे भाभी से मिला, और कैसे सेक्स एक्सपर्ट बना, सब आगे है। आगे बहुत सेक्स आने वाला, बस स्टोरी सेट करने दो, फिर देखना अगले 10 पार्ट सिर्फ सेक्स से भरे होंगे।
अगला भाग पढ़े:- प्यारी सुहानी भाभी-2