मामा जी के साथ मेरी मस्त रंगरलियां-3

पिछला भाग पढ़े:- मामा जी के साथ मेरी मस्त रंगरलियां-2

हिंदी सेक्स कहानी अब आगे-

“मेरी नज़र मामा जी के लंड से हट ही नहीं रही थी। मैं तो बस यही सोच रही थी कि ऐसा भी लंड होता है क्या इतना लम्बा, इतना मोटा। मुझे एक बार तो विश्वास ही नही हुआ कि ऐसा भी लंड किसी इंसान का भी हो सकता है?”

“इतना बड़ा लंड देख कर मेरी फुद्दी, जो कुलभूषण से चुदाई करवाने के चक्कर में पहले से ही गीली थी, उसमें बाढ़ आ गयी। एक-दम से मेरे दिमाग़ में ये सवाल आया कि जब ये लंड किसी लड़की की फुद्दी में जाता होगा तो फुद्दी का क्या हाल हो जाता होगा?”