दोस्तों मेरा नाम समीर है। उम्र 24 साल है। मेरी भाभी का नाम समाना है। उम्र 21 साल है। फिगर बहुत मस्त है। वो जवान है और बहुत आकर्षक है। गांड पीछे से थोड़ी बाहर है, जो किसी को भी अपना दीवाना कर दे।
हमारे घर में मैं, मेरा भाई, उसकी पत्नी (समाना भाभी), अम्मी और अब्बू रहते हैं। अब सीधी कहानी पर आते हैं।
दोस्तों जब भाभी की शादी हुई और समाना भाभी घर में आई, वो तब से मिलनसार और खुले विचारों वाली थी। मुझे उसका बात करना, मुस्कुराना और अंदाज़ सब पसंद था शुरू से ही।
दोस्तों एक दिन मैं अपने कमरे में अकेला बैठा मोबाइल चला रहा था। समाना भाभी आई, और बोली मोबाइल दे (वो अपने पति से बात करना चाहती थी)। मैंने उनको मोबाइल दे दिया।
समाना भाभी ने दूसरे कमरे में जाकर मोबाइल पर कुछ देर बात की। फिर मोबाइल देने वापस आई तो आ कर मेरे साथ बैठ गई और पूछने लगी कि-
भाभी: आप मोबाइल का इस्तेमाल काफी करते हैं। वैसे मोबाइल पर क्या करते हैं? किसी गर्लफ्रेंड से बात करते हैं, क्या कोई ऑनलाइन काम करते है? क्योंकि आपका पूरा फोकस होता है मोबाइल इस्तेमाल करते समय।
मैं: कुछ नहीं, बस वीडियो देखता हूं। हां कुछ फिल्में या फिल्म के सीन।
समाना भाभी: कुछ तो है समीर, बताओ ना। कोई लड़की पटायी है?
मैं: नहीं, अगर ऐसा होता तो आपको जरूर बताता। मगर अब तक कोई पसंद ही नहीं आयी।
समाना भाभी: तो कैसी लड़की पसंद है आपको?
मैं (मुस्कुराते हुए): मुझे आप जैसी लड़की चाहिए। आप पसंद हो मुझे।
समाना भाभी मुस्कुरायी और चली गयी।
जाते हुए मुस्कुराते हुए बोली: तुम्हारी पसंद अच्छी है वैसे।
इस बात पे मैं भी थोड़ा खुश होने लगा। खैर कुछ वक्त गुजारने के बाद हम आपस में हंसी मज़ाक बहुत करीब हो गए। मेरे दिल में समाना भाभी के लिए प्यार बहुत ज्यादा जाग गया था। मैं उन पर फ़िदा हो चुका था।
कभी-कभी वो बैठी होती थी, तो उनको देखता ही रह जाता है। वो भी मुझे देखती और नज़रें नज़रों से मिला हम काफ़ी मिनटों तक एक-दूसरे को बस देखते रह जाते। कभी-कभी वो हंसती, कभी-कभी पूछ लेती कि आप इतना क्यों देखते हो। मैं कहता कि बस ऐसे ही देख लेता हूं।
फिर वो वक्त आया जब मुझे समाना भाभी को चोदने का मौका मिला। एक दिन मेरे पास संदेश आया कि आपका सिलेक्शन नौकरी के लिए हो गया है (क्योंकि मैंने सरकारी नौकरी के लिए आवेदन किया था)। लेकिन उसकी पोस्टिंग दूसरे शहर में हुई।
मैंने ये खुशख़बरी घर वालों को दी। तभी घर वाले कहने लगे: बेटा आप रिहाइश कहां करोगे उस शहर में?
तो समाना भाभी ने कहा: उस शहर में मेरी दोस्त रहती है। उसको बोलूंगी तो किराए का मकान लेकर देगी।
फिर कॉल पे बात की। आगे से उनकी दोस्त ने कहा: आपको खुद आ कर देखना पड़ेगा। क्योंकि मकान 50 में से कोई एक ही काम का मिलता है। हां मैं आपके साथ चल के दिखा दूंगी। आप खुद करना चुनाव।
वो समाना भाभी की दोस्त थी, तो बहुत मजबूर किया: आप ज़रूर आइए। काफ़ी अरसा हुआ आपसे नहीं मिली। तो इस बहाने मिल लेंगे।
खैर जब ये बात समाना भाभी ने घर वालों को बताई तो सब ने कहा कि समाना भाभी को साथ जाना चाहिए। मेरा तो दिल ही खुश हो गया इस बात से।
लेकिन समाना भाभी ने कहा: मैं चली तो जाउ, क्या वापसी पर अकेली आउंगी?
इसपे घर वालों ने कहा: आप चली जाओ। जब किराये का मकान मिल जाएगा, तो साहिर (समाना के पति) को भेज देंगे, वो ले जाएगा।
सब खुले दिमाग वाले और कोई शक वाला हिसाब नहीं था। तो समाना मेरे साथ आ गई दूसरी शहर। जब समाना भाभी की दोस्त के पास गए तो उन्होंने कुछ देर मेहमान-नवाज़ी की। बाद में उसने शहर में किराय के मकान दिखाने शुरू किये। काफ़ी मकान देखने की बाद एक पसंद आया।
समाना भाभी की दोस्त वहां से डायरेक्ट अपने घर चली गई। अब मकान, मैं और समाना भाभी। समाना भाभी ने मकान की सफाई और सेटिंग की। मैं मार्केट से कुछ खाने के लिए चला गया। जब वापस आया तो समाना भाभी नहा के वॉशरूम से निकली और कमरे में आई।
उफ़्फ़ पहली बार गीले बाल, पानी की वजह से कपड़ो और नज़र आने वाले स्तन और उनके होठों से टपकता पानी देख के मेरा लंड ही खड़ा हो गया। मैं उनको गौर से देखता रहा। बस जब उन्हें देखा तो वो भी नजरें मिला के देखती रही। फिर करीब की आ कर बोली-
भाभी: समीर, आज तो बता दो, इतना गौर से क्यों देखते रहते हो मुझे?
मैं: समाना वादा करो कुछ भी हो, आप ये बात किसी को नहीं बताओगी।
समाना ने कहा: वादा, नहीं बताऊंगी। हमारे बीच ही रहेगी ये बात।
मैंने कहा: क्या आपको याद है मैंने बताया था कि मुझे आप जैसी लड़की ही पसंद है?
समाना: हां याद है।
मैं: मैं तब से आपको पसंद करता हूं, और दिल में आपसे बहुत प्यार करता हूं। लेकिन कोई मसला ना खड़ा हो, या आपको चोट ना लगे, इह वजह से कभी बताया नहीं गया।
समाना: समीर आपको अब तक समझ क्यों नहीं आया कि मैं भी आपको पसंद करती हूं? जब आप मुझे गौर से देखते थे, तो मैं मुस्कुराती थी। आपसे नज़रें मिला कर आपका साथ देती थी। आपने मेरे प्यार को क्यों नहीं समझा?
ये बात सुन के मेरे दिल को जैसे कुछ हो गया कि वो भी मुझसे प्यार करती थी। अभी मैं सोच ही रहा था कि समाना भाभी ने मुझे सीने से लगा के दबा लिया, और अपना सारा मेरे सीने से चिपका लिया।
मैंने भी उनको सीने से लगा लिया, और फिर उसका चेहरा अपनी तरफ किया। देखते-देखते होठों को चूमना शुरू कर दिया। वो भी मेरा साथ देने लगी। कुछ देर होठों पर चुंबन की बाद वो मेरे गले पे चुंबन करने लगी। उफ्फ्फ मेरा लंड तो लोहे की रॉड बन चुका था। मैं दोबारा लिप्स किस्स करने लगा।
इतने में मेरा लंड समाना भाभी को टच होने लगा। मैं भी दबा के टच करने लगा और वो भी करीब होने लगी। अब मैं भेड़िए की तरह आउट ऑफ कंट्रोल होने लगा। मैंने समाना भाभी की गांड को पीछे से हाथ में पकड़ा और दबोच-दबोच के मजे लेने लगा। वो होंठ चूम रही है और आह आह आह की आवाज़ भी निकल रही है।
थोड़ी देर बाद मैं उनको साथ में पड़ी चारपाई तक ले गया और लिटा कर खुद उनके ऊपर लेट गया। फ़िर मैंने लिप्स किसिंग शुरू की। अब मैंने उनके स्तन भी बाहर निकाल दिये और चूसने लगा। वो मना करने लगी कि समीर गुदगुदी हो रही है।
मैं फ़िर कभी स्तन चूसता और कभी होंठ चूमता। मेरा लंड उनकी टांगों के बीच था। वो बार-बार अपनी गांड ऊपर करती और चूत को मेरे लंड के पास दबाती। अब वो भी कंट्रोल से बाहर हो गई और खुद ही मेरे कपडे उतारे और अपने भी। फ़िर वो उसकी पोजीशन में लेट गई और मैं ऊपर फ़िर से स्तन और किसिंग में लग गया।
समाना भाभी ने इस बार गांड ऊपर उठाई और चूत को लंड पे सेट करके दबाया। उफ्फ इतनी गीली और भट्टी की तरह गर्म चूत। मेरा लंड अंदर चला गया। ऐसा महसूस हुआ कि मेरे मुँह से भी आहह की आवाज़ निकल गई।
मैंने भी धक्के मारना शुरू किया और समाना भाभी आह्ह्ह आह्ह्ह करने लगी। उनकी आंखों से आंसू भी बहने लगे।
मैंने पूछा: भाभी आंसू क्यों, क्या दर्द हो रहा है?
वो बोली: हां, पर उससे ज्यादा मजा आ रहा है समीर। तुम्हारा लंड तुम्हारे भाई के लंड से ज्यादा मोटा और लंबा है। आज बहुत मजा दिया है समीर तुमने। काश मैं सारी जिंदगी तुम्हारे साथ रहूं।
दोस्तों इस बात से मैं बहुत जोश में आया और ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा। फिर 5 मिनट में हाय फारिख हो गया। मैंने अपना पानी उनकी चूत के बाहर निकाल दिया और वो देख मुस्कुराने लगी।