मैं सुबह नहा धो कर हॉल में आया, तो प्रीति चाय पी रही थी। मुझे आता देख उसने एक कप चाय मेरे लिए भी बना दी। फिर मैं भी उसके साथ सोफे पर बैठ कर चाय पीने लगा। हम चाय पीते-पीते बातें करने लग गए। तभी प्रिया सफाई करने के लिए हॉल में आई।
उसके हाथ में वैक्यूम क्लीनर था, जिसकी वो सफाई कर रही थी। जब वह सफाई कर रही थी, तभी मेरा ध्यान अचानक से उस पर पड़ा। जैसा कि मैंने बताया कि वो हमेशा पायजामा और टी-शर्ट पहनती थी, तो उस दिन भी उसने काला पायजामा और लाल टी-शर्ट पहनी थी। उसकी टी-शर्ट ढीली थी, और गाला भी गहरा था।
जब वो टेबल के नीचे से साफ करने के लिए झुकी, तो उसकी टी-शर्ट का गला खुल गया, और उसके सेक्सी स्तन की गहरी क्लीवेज नज़र आने लगी। जब से प्रीति प्रेग्नेंट हुई थी, तब से हमने सेक्स नहीं किया था। मैंने ज्यादा मुठ भी नहीं मारी था। जब मेरी नज़र प्रिया के स्तनों पर पड़ी, तो मेरे शरीर में करंट सा लगा।
मेरा लंड खड़ा हो गया, और उसके मुलायम स्तनों को देख कर मेरे मुँह में पानी आने लगा। मेरी नज़र उसके स्तनों से हट ही नहीं रही थी, और मैं टकटकी लगाये हुए उधर ही देख रहा था।
तभी प्रीति की नज़र मेरी नज़र पर पड़ी, और उसने मुझे प्रिया के स्तनों को घूरते हुए देख लिया। लेकिन उसने उसका वक्त मुझसे कुछ नहीं कहा। 10 मिनट बाद जब प्रिया सफाई करके चली गई तो प्रीति बोली-
प्रीति: बहुत दिल कर रहा है ना?
मैं: क्या मतलब?
प्रीति: सेक्स करने का बहुत दिल कर रहा है ना?
मैं: हां, क्यों?
प्रीति: तभी तो उसके स्तनों को आँखें ही आँखों में पी रहे थे।
उसकी बात सुन कर मैं समझ गया कि उसने मुझे प्रिया के स्तन घूरते देख लिया था। फिर मैंने मुस्कुराए हुए कहा-
मैं: बहुत देर हो गई ना कुछ किया, तो बस ध्यान चला गया। चिंता मत करो बात सिर्फ देखने तक ही रहेगी। मैं धोखा नहीं दूंगा तुम्हें।
प्रीति: अगर मैं तुम्हें चोदने की इजाज़त दूं, तो चोदोगे उसको?
मैं: ये क्या बात कर रही हो। मैं ऐसा कुछ नहीं करने वाला।
प्रीति: अंकुश तुम बहुत वफादार हो। इसको अपनी वफ़ा का इनाम समझ लो।
मैं: अगर मैं हां बोल भी दूं, तो वो कौन सा मुझसे चुदने के लिए तैयार बैठी है।
प्रीति: उसको मैं मना लूंगी, तुम बस हां बोलो।
मैं: ठीक है फिर, ऐसा ही सही।
फिर प्रीति अंदर चली गई किचन में। प्रिया वाह पहले से ही थी। अगले 10 मिनट में दोनों किचन से बाहर आई और दोनों मेरे पास आके खड़ी हो गई। फ़िर प्रीति प्रिया से बोली-
प्रीति: आज खुश कर देना अपने मालिक को।
मुझे समझ नहीं आ रहा था कि वो उससे क्या कह रही थी। प्रीति फिर अंदर चली गई, और प्रिया मुझे देख कर मुस्कुराने लगी। मुझे अभी भी समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा था। फिर एक-दम से प्रिया ने अपनी टी-शर्ट उतार दी। उसके ऐसा करने से मैं हैरान हो गया। उसने नीचे मैरून ब्रा पहनी थी, जिसके कसे हुए स्तन बहुत सेक्सी लग रहे थे। फ़िर वो बोली-
प्रिया: सर आपको मेरे स्तन पसंद हैं ना?
इसे पहले मैं कुछ बोलता, प्रिया ने ब्रा भी उतार दी। अब उसके स्तन मेरे सामने नंगे लटक रहे थे। फिर वो मेरी गोद में बैठ गई, और मेरा हाथ पकड़ कर अपने एक बूब पर रख दिया। मैं समझ गया कि मैं उसको चोद सकता था। मैंने तभी उसके निप्पल को मुँह में डाला, और उसको पागलों की तरह चूसने लगा। प्रिया मेरा सारा अपने स्तनों में दबाने लगी, और आह आह करने लगी।
मैंने उसके दोनों स्तनों को चूस-चूस कर लाल कर दिया, और उसके होंठ भी चूसे। फिर वो खड़ी हो गई, और मेरे सामने घुटनों पर बैठ गई। मैंने जल्दी से अपनी पैंट और अंडरवियर उतार दिये, और अब मेरा खड़ा लंड उसको सलामी दे रहा था।
उसने मेरा लंड हाथ में लेके हिलाया, और फिर उसको मुँह में डाल कर चूसने लगी। आह, क्या मजा आ रहा था। बहुत देर बाद मेरा लंड किसी के मुँह में गया था। कुछ देर उसने ऐसे ही मेरे लंड को चूसा, और पूरी तरह से चिकना कर दिया।
फिर वो खड़ी हुई, और मेरी तरफ पीठ करके उसने अपना पायजामा और पैंटी निकाल दी। अब वो पूरी नंगी थी। उसकी गांड मस्त थी। फिर उसने अपने हाथ पर थूक लिया, अपनी चूत पर लगायी, और मुँह दूसरी तरफ किये हुए हाय मेरी गोद में बैठने लगी।
वो झुकी, और अपने टैंगो के बीच में से हाथ निकाल कर मेरा लंड पकड़ा। फिर उसने अपना लंड अपनी चूत पर सेट किया, और धीरे-धीरे उस पर बैठ गई। मेरा पूरा लंड अब उसकी चूत में था, और वो मेरी गोद में बैठी थी। उसका मुँह दूसरी तरफ था।
उसकी चूत का गरम एहसास बहुत मजा दे रहा था। फिर वो आगे-पीछे होके मेरा लंड चूत में अंदर-बाहर करने लगी। बहुत मजा आ रहा था। फिर मैंने उसको बाहों में भर लिया, और चुदाई की स्पीड बढ़ा दी।
कुछ देर ऐसे ही चोदने के बाद मैंने उसको सोफे पर ही उल्टा लिटा लिया। फिर मैं उसे ऊपर लेट गया, और पीछे से लंड उसकी चूत में डाल दिया। वो आह्ह आह्ह करती रही, और मैं उसकी चूत में लंड पेलता रहा। आधा घंटा चोदने के बाद मैंने लंड निकाला, और माल उसकी गांड पर निकाल दिया।
फिर मैं अपनी बीवी के पास गया, और उसका शुक्रिया किया। उसने अपने पर्स से 5000 रुपये निकाले, और प्रिया को देते हुए बोली-
प्रीति: ये लो तुम्हारे पैसे, और कल से काम पर मत आना।
प्रिया प्रीति की इस बात पर हैरान हो गई। फिर वो चुप-चाप कपड़े पहन कर चली गई।
दोस्तों कहानी का मजा आया हो, तो फीडबैक ज़रूर दें।