पिछला भाग पढ़े:- बेवा अम्मी की आग शांत की दोनों भाइयों ने-4
मां-बेटा सेक्स कहानी अब आगे-
मैंने कहा, “हाँ बेटा, देख लो अहह उईईईईईईईई इ इ इ माआआआ उफफफफफफ्फ़।” और राशिद तो कमाल ही कर रहा था। वो तो मेरी चूत को ऐसे चूस रहा था जैसे कि लोलीपॉप हो। मैं पूरी तरह मस्त हो कर मज़े ले रही थी। और वो दोनों मुझ पर ऐसे टूटे हुए थे, जैसे मुझे खा ही जाएँगे। मैं तड़प रही थी रशीद इतने प्यार से मेरी चूत को चाट रहा था कि उसके अब्बू ने भी कभी नहीं चाटी थी, ऐसे और मैं कह रही थी-
“आह तुम तो आहह अपने अब्बू से भी अहह अच्छी चाटते अहह हो बेटा। आ उफफफफ ओह हाईईईईईईईउ उ उ उ अहह अहह अहह अहह बहुत मस्त कर रहे हो मुझे अहह अहह।” और अब मैं बहुत ही बेचैन हो रही थी। मेरी कमर उठ-उठ कर उन्हें मुझे चोदने का निमंत्रण दे रही थी। अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था, क्यूंकि दो जवान लंड मेरे सामने थे। मेरी चूत भी गिली हो चुकी थी।
राशिद उसे चाटता हुआ बोला: अम्मी आपकी चूत चिपचिपी सी क्यों हो रही है?
तो मैंने कहा कि, “बेटा ये चिपचिपी नहीं हो रही है। ये तुम दोनों के लंडों को देख कर उनसे चुदवाने के लिए लार टपका रही है। बेकरार है ये अब तुम दोनों से चुदवाने को।”
सो मैंने कहा कि, “अहह बेटा, अब चोद भी दो अपनी अम्मी को अहह। अब रहा नहीं जा रहा है अहह प्लज़्ज़्ज़्ज़ जल्दी करो। अहह हाईई उफफफफफ्फ़ मत तड़पाओ अब।” तो राशिद बेटा बोला कि, “माँ थोड़ा और चाटने दो। बहुत मज़ा आ रहा है आपकी चूत को चाटने में।” और फिर से ज़ुबान घुसा दी उसने मेरी चूत में। तो मैंने कहा कि, “अहह हाए, तुम दोनों भी ना बिल्कुल अपने अब्बू पे गये हो।”
तो वो बोले कि, “वो कैसे?” तो मैंने कहा कि, “वो भी बिल्कुल तुम्हारी तरह ही मेरी चूत चाटते थे, और मुझे अपना लंड चुसवाते थे, और बहुत तड़पाते थे मुझे चोदने में। अहह बेटा आज अपनी अम्मी को थोड़ा जल्दी चोद लो। फिर तो रोज़ मैं तुम्हारे पास ही हूं। जब भी चाहोगे जितनी चाहोगे चाट लेना मेरी चूत को, मैं मना नहीं करूँगी। बस आज मुझे जल्दी चोद दो। जब से तुम्हारे अब्बू का इंतेक़ाल हुआ है, तब से तड़प रही हूं।”
दोनों ने मेरी बेकरारी भाप ली, तो दोनों बोले, “जो हुकम अम्मी।” और दोनों ही उठ कर खड़े हो गये। मैं भी उठ कर बैठ गई। मैंने देखा कि दोनों के लंड मेरी चूत को ही निहार रहे थे, और खूब हँस रहे थे कि आज मुझे चोदेंगे और खूब मज़े करेंगे।
मैंने दोनों के लंडों को हाथ मैं पकड़ा और बोली: हाईईईईईई, तुम्हारे तो तुम्हारे अब्बू से भी बड़े हैं बहुत मज़ा आएगा।
तभी रहीम बोला, “अम्मी आप घोड़ी बन जाइए। राशिद आपकी नीचे से चूत में लंड घुसाएगा और मैं आपकी गांड मारूँगा।” तो मैंने कहा कि, “नहीं बेटा, ऐसे ही बारी-बारी चोदो मुझे।” रहीम बोला कि, “अम्मी मुझे पता है कि आपको घोड़ी बन के चुदवाने में बहुत मज़ा आता है।” तो मैंने एक-दम उसकी तरफ देखा, तो वो मुस्कुरा रहा था।
मैंने उससे कहा कि, “तुम्हें कैसे पता?” तो बोला कि, “अम्मी अभी मूड खराब मत करो। जल्दी करो, देखो ना हमारे लंड कैसे तेयार खड़े हैं आप को चोदने के लिए। वो सब मैं आपको बाद मैं बताऊंगा। अभी आप जल्दी से घोड़ी बन जाइए।” मैंने भी देर करना ठीक नहीं समझा और झट से घोड़ी बन गई। तो पहले राशिद मेरे नीचे आ गया। उसने दो तकिए रखे अपनी पीठ के नीचे और अपने लंड को मेरी चूत पे टिका दिया।
ऐसा करने से पहले उसने थोड़ा तेल लगा लिया था अपने लंड पर। मैंने उसे कहा कि, “यहीं पर क्यूं रोक दिया बेटा? अन्दर भी डाल दो।” तो वो बोला कि, “नहीं अम्मी, मैं और भाईजान एक साथ ही चोदेंगे आपको।” और उधर रहीम ने अपने लंड पे तेल लगा लिया था और उसने भी अपने लंड को मेरी गांड के छेद पे रख दिया। फिर वो बोला कि, “राशिद जैसे ही मैं तीन बोलूँगा, एक साथ ही अम्मी की गांड और चूत मैं हमारे लंड होने चाहिए।”
तो राशिद बोला: ठीक है।
और फिर तीन कहते ही दोनों ने एक जबरदस्त झटके से अपने लंड घुसा दिए मेरी गांड में और चूत में। मैं भी तड़प उठी और मेरे मुंह अआहह मर गई निकल गया। राशिद के लंड से तो कम, लेकिन रहीम के लंड के गांड में जाते ही दर्द ज़रूर हुआ था।
दोनों बोले, “अरे अम्मी कोई बात नहीं।”
फिर रहीम बोला: देखो राशिद मैंने तुम्हारी अम्मी की गांड में लंड घुसा ही दिया है।
तो राशिद बोला: भाईजान मैंने भी आपकी अम्मी की चूत में अपना लंड पहुँचा ही दिया है।
मैं उनकी बातें सुन कर हैरान थी कि ये क्या बातें कर रहे थे। तभी वो बोले, “अम्मी अभी सिर्फ़ मज़ा लो। बाद में आपको सब कुछ बताते हैं।”
तो मैंने कहा कि, “क्या बताओगे?” तो बोले कि, “बाद में।” और ये कहते ही राशिद मेरी एक चूची को मसलने लगा और एक को रहीम मसलने लगा। फिर दोनों बारी-बारी से मारने लगे। एक अपना लंड बाहर करता था तो दूसरा अंदर कर देता था। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। मैं सोच रही थी कि वाह क्या किस्मत है! 10 साल से एक लंड के लिए तरसती थी, और आज दो-दो एक साथ मिल गये हैं।
दोनों ही अपनी अपनी स्पीड थोड़ी-थोड़ी बड़ा रहे थे और मैं मस्ती मैं चूर होती जा रही थी। एक लंड मेरी चूत में और एक गांड में अठखेलियां कर रहा था। वो मेरी चूत और गांड की लंड से रगड़ खा रहे थे। मैं बहुत खुश थी। मैं आहें भर रही थी। हर धक्के पे कर रहे थे ये लो और मैं अहह ये लो।
उफफफफ ओह हाईईईईया हह अहह उफफफ और ज़ोर से मेरे अहह बचूऊऊऊऊ अहह हाईईई और ज़ोर से उफफफफफ्फ़, हाईईईई इतना मजाआाआआ अहह ऊ अपनी अम्मी और वो लगातार स्ट्रोक पे स्ट्रोक मार रहे थे। अब उनकी स्पीड बढ़ने लगी थी।
अब वो बारी-बारी से नहीं एक साथ ही धक्के मार रहे थे और मैं आह है है आह आहा अहहहहहहाहा हाहाहई अहहा है है अहहहहाीयहहाीोह उफ कर रही थी। फिर मेरी चूत ने पानी निकाल दिया और दो तीन झटको के बाद राशिद ने भी मुझे कस के पकड़ लिया और उसका भी पानी निकल गया। लेकिन रहीम अभी भी धक्के मार रहा था।
फिर 4-5 धक्के मार कर वो भी झड़ गया और मेरे उपर ही लेट गया। कोई 15 मिनट के रेस्ट के बाद दोनों बोले कि, “कहिए अम्मी जान, कैसा लगा? अब्बू से अधिक मज़ा आया कि नहीं?” तो मैंने कहा कि, “बहुत मज़ा आया। बल्कि तुम दोनों ने तो अपने अब्बू से भी अधिक मज़ा दिया। पर अब बताओ कि बात क्या थी?” तो रहीम बोला कि, “अम्मी बात ये है कि आप सोचती हो कि आपने तैयार किया है आपको चोदने के लिए। लेकिन ये सारा प्लान हम दोनों का ही था आपको चोदने का।”
तो मैं हैरान हो गई। मैंने पूछा कि, “वो कैसे?”
तो रहीम बोला: अम्मी बात ये है कि एक बार अब्बू आपकी चुदाई कर रहें थे। मैं जब रात को पानी पीने उठा तो मैंने आपके रूम में से आवाज़ें आती सुनी। तो मेरा मन किया अंदर देखने का, और मैंने के होल में से अब्बू को आपकी चूत चाटते और आपको उनका लंड चुसाते देखा। फिर आपने अब्बू को कहा आपका मनपसंद स्टाइल जो है, आज उसी में चोदिए। तो अब्बू ने कहा ठीक है।
रहीम: फिर आप घोड़ी बन गई। फिर मैंने नेक्स्ट दिन ये सब राशिद को भी बता दिया और फिर तीन दिन हम दोनों ने ये सब देखा। इसलिए हम दोनों को पता है आपको घोड़ी बन के चुदाई करवाने में मज़ा आता है। तब तक हमारे मन में आपको चोदने का कोई विचार नहीं था। लेकिन 1 माह पहले ही मैंने और राशिद ने भी वो साइट देखी और कहानियाँ पढ़ी जो अपने पढ़ी थी और हमारे मन में भी आपको चोदने का विचार पनपने लगा।
रहीम: फिर 10 दिन पहले आपको याद है जब मैं लेट हो गया था और राशिद मेरे से बाद में आया था? तो आप स्टडी रूम में थी। लेकिन जब मैंने डोर बेल बजाई तो आप चैटिंग करती हुई गई और मेरे लिए चाय बनाने चली गई। लेकिन आपने उस दिन अपनी आईडी लोग आउट नहीं की थी। मुझे नेट पे थोड़ा काम था सो मैं वहाँ पे गया तो आपकी आईडी देखी तो समझ गया कि आप भी चैटिंग करते हो।
रहीम: सो मैंने आप की आईडी नोट कर ली लेकिन कुछ नहीं बोला। और फिर एक दिन आप अब्बू की फोटो को अपने सीने से चिपका के अपनी चूत में उंगली कर रही थी और मिन्नते कर रही थी ऐसे तड़पता हुआ छोड़ के क्यूं चले गये हैदर। मेरी आग अब कौन शांत करेगा। उस रात मैं और राशिद दरवाजे पे खड़े होके आपकी बातें सुन रहे थे, और आपके देखते हुए मुठ मार कर अपनी आग बुझाई। हम दोनों ने तभी फ़ैसला कर लिया था कि आपकी आग बुझाएँगे।
रहीम: और वैसे भी अब हमारे लंड आपकी चूत देख कर बेचैन हो रहे थे आपको चोदने के लिए। फिर उस रात जब आप उठ कर बाहर आई तो आपकी नींद टूटी नहीं थी, हमने डोर नॉक किया था। और फिर आप को याद है उस दिन हमने कहा था कि पानी हमने रख दिया है लेकिन रखा नहीं था।
रहीम: हमें पता है कि आप उठ कर पानी पिए बिना सोती नहीं हो, और फिर हमने आपको अपने लंड दिखाए। लेकिन दो चार दिन आपका कोई रिस्पोंस नहीं था। फिर उस दिन हमने बाहर जाने की बात की। मुझे पता था कि आप नेट पे चैटिंग करोगी अगर हम घर पे नहीं होंगे तो। इसलिए मैंने साहिल के नाम से आई डी बनाई और आपसे चैटिंग की। फिर आप को वेबसाइट बता कर ऑफलाइन हो गया। और फिर जब आपने वो सेक्सी कहानी पढ़ी, तो हम समझ गये कि काम बन गया है। फिर आगे तो आप जानती ही हो।
मैं उनकी बातें सुन कर हैरान थी। लेकिन खुश भी थी कि मेरे बच्चों ने आज मेरी आग बुझा दी थी। मैंने दोनों को बाहों में भर लिया और कहा कि, “तुमने अपनी अम्मी को पाने के लिए इतना कुछ किया? अब मुझे कोई परवाह नहीं है। अब तुम सिर्फ 2 या 3 दिन ही प्यासे रहा करोगे तुम्हारे छोटे भाई के हॉस्टल से घर आने पे। वरना हम तीनों एक साथ एक ही बेडरूम में सोया करेंगे।” तो दोनों बोले कि, “ठीक हैं अम्मी, चलिए अब ज़रा दुबारा एक शिफ्ट हो जाए। अबकि बार मैं चूत मारूँगा और राशिद गांड मारेगा।” और मैंने कहा कि ठीक है बच्चों।
और ये कहते हुए वो फिर मेरे जिस्म से खेलने लगे। अब हम रोज रात का खाना खाने के बाद अपने कपड़े उतार देते हैं और रात को रोज खूब मस्ती करते हैं। अब तो सिर्फ़ एक माह में मैं सिर्फ़ तीन या चार दिन पीरियड के दिनों में ही चूत मरवाने से बच पाती थी। वरना दोनों मुझे चोदे बिना सोते ही नहीं हैं। लेकिन पीरियड के दिनों में भी दोनों मुझे अपना अपना लंड चुसवाने से बाज नहीं आते। बल्कि दो-दो बार अपना सारा पानी पिला देते थे मुझे और मुझे भी बहुत अच्छा लगता था।
लेकिन जब से दोनों भाईयों की जॉब दुबई में लगी, तो मैं फिर तड़पने लगी। लेकिन वो दोनों छुट्टी लेके आ ही जाते थे अपनी अम्मी की आग शांत करने और मेरी चूत का भोसड़ा बना देते। लेकिन जब से मैंने उन दोनों की शादी की, मैं उन दोनों से अपने आप को दूर रखती। क्यूंकि मैं चाहती थी कि वो अपनी-अपनी बीवियों की चुदाई करे, ना कि मेरी। लेकिन मुझे क्या पता था कि उन दोनों की कमी तू पूरी कर देगा।
अम्मी ने कहानी बताई और फिर मुझसे चुदाई करवा कर अपनी आग शांत की। और मैंने भी अम्मी और दोनों भाइयों की चुदाई सुन कर अम्मी की जोरदार चुदाई की उस दिन।
तो ये थी मेरी अम्मी और मेरे दोनों बड़े भाईयों की चुदाई की कहानी। आप सब को कैसी लगी ज़रूर बताएं । एक बार फिर मिलेंगे एक नयी वासना से भरी चुदाई की कहानी के साथ। अलविदा मेरे साथियों।
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