मनाली में हनीमून सेक्स, मसाज और थ्रीसम-4

पिछला भाग पढ़े:- मनाली में हनीमून सेक्स, मसाज और थ्रीसम-3

हिंदी सेक्स कहानी अब आगे-

ललिता की बातें सुन कर मेरे भीतर ईर्ष्या की कोई भावना नहीं जागी। बल्कि पलंग-तोड़ पान के असर और उस बर्फीले माहौल ने मेरे भीतर एक बिल्कुल अलग और तीव्र रोमांच पैदा कर दिया था। अपनी नवविवाहित पत्नी के मुंह से एक अन्य पुरुष के बड़े लंड की तारीफ सुनना मेरे लिए एक फैंटेसी उत्तेजना का कारण बन गया।

मैंने तुरंत ललिता का हाथ पकड़ा और हम वापस उसी स्पा पार्लर पहुंचे। वहां मैंने उस गठीले बदन के मेल मसाजर, जिसका नाम विक्रम था, से अकेले में बात की। मेरा प्रस्ताव सुन कर वह शुरुआत में थोड़ा हैरान हुआ। लेकिन फिर उसने मुस्कुराते हुए अपना पर्सनल नंबर मुझे दे दिया। मैंने उसे रात को हमारे होटल के सुइट में आने का न्योता दिया, जिसे उसने सहर्ष स्वीकार कर लिया।