वहां जाके देखा तो धवल के साथ में उसका दोस्त रवि भी बैठा था। रवि और धवल दोनों दिखने में हैंडसम थे, और एक बात मैंने नोटिस की थी, कि दोनों जिम जाते थे तो बॉडी भी कसी हुई थी।
हम तीनों बैठ कर बातें कर रहे थे। मैंने जान-बूझ कर क्रॉप टॉप और कैपरी पहनी थी। क्रॉप टॉप भी ढीला सा था, जिसमें से मेरे स्तन बहुत दर्द से दिख रहे थे अगर मैं अंगड़ाई लूं या झुकूं तो।
थोड़ी देर बाद उसका एक और दोस्त आया जिसका नाम पार्थ था। मैंने इशारों से धवल से बोला अंदर कमरे में आने को। और वाहा जाके पूछा कि, “इन सब को क्यों बुलाया है?”
वो बोला: शांति रख, मज़ा आएगा।
फिर मैं वॉशरूम गई, और वहां पे मैंने अपनी ब्रा और पैंटी निकाल दी, और ऊपर फिर से टॉप और कैपरी पहन ली। जब मैं हॉल में आई तो वो तीनों मुझे देख रहे थे। टॉप प्रिंटेड था, तो ऊपर से मेरे चूचे दिख नहीं रहे थे, तो उन लोगों को पता नहीं चला कि मैंने अपनी अंडरवियर उतार दी थी।
इशारा देने के चक्कर में मैंने कोल्ड ड्रिंक की बोतल उठाई, और पीने लगी। मैंने जान कर कोल्डड्रिंक मेरे निपल्स पे गिरा दी, ताकि मेरी तनी हुई चूची वो लोग देख सके। तभी मैंने अपना फोन नीचे गिरा दिया, और वो लेने लगी, ताकि मेरे स्तन उन्हें दिख जाएं। वो लोग आंखें फाड़ के मुझे देख रहे थे।
तभी रवि धवल से बोला: इसको पता है क्या?
धवल बोला: पता भी है और नहीं भी पता।
मैंने बोला: साफ-साफ बोलो जो बोलना है।
रवि को मेरे पास आया मुझे सोफे से उठा के टॉप के अंदर हाथ डाल के मेरे स्तन मसल के बोला-
रवि: तेरी चूत बजाने हमने तुझे यहाँ बुलाया है। ये तुम्हें पता है?
मेरी चुल और बढ़ गई ये सुन के।
मैंने भी बोल दिया: पहले लंड तो दिखाओ।
फिर उन सब ने अपनी-अपनी पैंट उतार दी, और मुठ मारने लगे। मैंने भी अपना टॉप निकाल के अपने चूचों को मसल दिया। तभी रवि पीछे से मेरी गांड पे हाथ रख के बोला-
रवि: राज नहीं पेलता है क्या?
मैं शॉक होके देखने लगी तो बोला: दोस्त हैं हम उसके।
मैंने बोला: उब चुकी हूं उससे, अब नया लंड चाहिए।
तभी पार्थ आगे बढ़ कर कैपरी के ऊपर से चूत पे हाथ रगड़ कर बोला-
पार्थ: चल अब माल दिखा दे।
मैं नंगी हो गई तीनों के सामने तो तीनों टूट पड़े मेरी चूत चाटने। मुझे सोफे पर बिठा के मेरी दोनों टांगे फैला दी, और पार्थ मेरी चूत चाटने लगा। थोड़ी देर बाद मैं झड़ गई, तो उंगली डाल के फिर से गीली कर दिया। तभी रवि मेरे स्तन दबा के उसके ऊपर स्केल से मार रहा था। और धवल मेरे हाथ पीछे की तरफ पकड़ रखा था, और मैं उसका लंड हिला रही थी।
15 मिनट तक ये चलता रहा। तभी रवि ने पार्थ को धक्का देकर मेरी चूत पर अपना लंड रख दिया और बोला-
रवि: थोड़ा ठोकने दे भाई। अब कंट्रोल नहीं हो रहा।
फिर उसने पूरा लंड मेरी चूत में घुसा दिया। 7 इंच मोटा लंड था। रवि एक नंबर का हवसी था, और इतने जोर-जोर से मेरी चुदाई कर रहा था कि पूछो ही मत। थोड़ी देर बाद उसका निकलने को हुआ तो उसने पार्थ को इशारा किया, और वो आ गया उसके बदले चोदने। फ़िर रवि ने मेरे मुँह में झाड़ दिया।
फ़िर धवल मेरे मुँह की चुदाई करता रहा, और पार्थ चूत की। इतना मजा आ रहा था कि तभी पार्थ ने धक्का देके मुझे घोड़ी बना दिया, और गांड पेलने लगा। गांड मेरी बहुत टाइट थी, तो लंड जा नहीं रहा था। तो तीनों ने मिल के मेरी गांड पे थूका, और मैंने अपने हाथों से गांड को चिकनी किया।
तभी पार्थ ने थोड़ा ज़ोर लगा के डाल ही दिया लंड मेरी गांड में। मैं चिल्लाने को हुई तो रवि ने मेरे मुँह में लंड घुसा दिया। अब मुझे इंतज़ार था तो धवल का, कि कब वो चोदेगा मुझे। इतने में रवि आया फिर से, और गांड मारने लगा। मुझे अब भी बहुत दर्द हो रहा था, पर धवल से ना चुदवाती तब तक बैठ नहीं सकती थी।
रवि ने धवल और पार्थ को इशारों से मेरे कुल्हे पे मारने को बोला, और वो गांड मारते-मारते मेरी चूत भी रगड़ रहा था। पार्थ और धवल भी एक हाथ से कुल्हे पर दे-दना-दन मार रहे थे, और दूसरे हाथ से चूची रगड़ रहे थे। थोड़ी देर में रवि ने चूत पर निशाना ताका, और फिर से जानवर की तरह चोदा मुझे।
उसका पहले से झड़ने को आया, तो मुझे तुरंत पलट के मुंह में डाल दिया सारा माल। वो माल डाल रहा था, और पीछे से धवल दो उंगलियां मेरी चूत में अंदर-बाहर कर रहा था। मुझे उसका टच बहुत अच्छा लग रहा था। उसने एक टाई ली, और मेरे गले में बांध दी। फिर मुझे पूरे घर में डॉगी बना के घुमाया।
उसका घर काफी बड़ा था। वो एक हाथ से मुझे कुत्ता बना के घुमा रहा था, और दूसरे हाथ से सिगरेट पी रहा था। सिगरेट पी कर धुआ मेरी चूत पर छोड़ता। वो हॉल में आके बैठा। हॉल में एक बहुत बड़ा शीशा था। उसके पास एक टेबल रखा, और मुझे ऊपर घोड़ी बनाया।
फ़िर बोला: अपनी चुदाई अपनी आँखों से देख।
मेरे मुँह में पार्थ का लंड था। चूचों पर रवि का कब्ज़ा था, और धवल ने पेलना चालू किया।
धवल: साली तू तो रांड निकली। इतने मस्त बदन को किस-किस से चुदवाया है?
मैं बोली: राज ने मौका ही नहीं दिया था। पर अब सब का लूंगी।
धवल ने स्पीड बढ़ा ली थी। वो गांड में उंगली करते-करते चूत पेल रहा था। लगभग 30 मिनट के बाद उसने सारा माल मेरी चूत में डाल दिया।
फ़िर वो मुझे बोला: चल रंडी साफ़ कर।
मैंने मुँह से उसका लंड साफ किया, और वो एक बार फिर से तन गया। इस बार उसने मेरी गांड मारी। वो बहुत तेजी से फाड़ रहा था मेरी गांड। तभी नीचे से रवि ने लंड मेरी चूत में डाल दिया, और पार्थ ने मुँह में। फ़िर तीनो ने रफ़्तार पकड़ ली, और मुझे बहुत समय तक चोदा।
हम तीनों ने मिल के बहुत बार सेक्स किया था। उसमें रवि का इंटरेस्ट बहुत ज्यादा रहता था, पर धवल हमेशा मेरी केयर करके पेलता था। पर था तो धवल भी जानवर ही।
ये थी मेरी डर्टी ग्रुप सेक्स स्टोरी। अगर आप लोग चाहेंगे तो मैं मेरी दूसरी कहानियां भी अपलोड करूंगी।