साक्षी दीदी और मेरी सेक्स कहानी-2

पिछला भाग पढ़े:- साक्षी दीदी और मेरी सेक्स कहानी-1

भाई-बहन सेक्स कहानी अब आगे-

उस शाम का माहौल अजीब तरह से भारी लग रहा था। मैं सोफे पर बैठा टीवी देख रहा था, लेकिन मेरा ध्यान स्क्रीन पर बिल्कुल नहीं था। सुबह जो कुछ हुआ था, वह बार-बार मेरे दिमाग में घूम रहा था। मैं समझ ही नहीं पा रहा था कि सच में हुआ क्या था। तभी दरवाज़ा खुलने की आवाज़ आई। मैंने सिर घुमाया, और जैसे मेरी सांस अटक गई।

साक्षी दीदी अंदर आई, बिल्कुल वैसे ही जैसे हर दिन आती थी। कॉलेज से थकी हुई, बैग कंधे पर, चेहरे पर हल्की सी थकान। लेकिन मेरे लिए वो वैसी नहीं रह गई थी। सुबह के बाद, सब कुछ बदल चुका था… कम से कम मेरे अंदर। मैं उसे देखता रह गया। कुछ सेकंड के लिए तो मैं ये भी भूल गया कि मैं क्या कर रहा था। भूख, प्यास, सब जैसे गायब हो गए थे। बस वही खड़ी थी, और मेरा दिमाग उसी में अटका हुआ था।

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