मामा जी के साथ मेरी मस्त रंगरलियां-6

पिछला भाग पढ़े:- मामा जी के साथ मेरी मस्त रंगरलियां-5

हिंदी चुदाई कहानी अब आगे-

मैं उठी और बेड के किनारे पर चूतड़ों के नीचे तकिया रख कर टांगें उठा कर लेट गयी और मामा जी की तरफ देखने लगी। मामा जी ने अपना पेग खत्म किया और आ कर नीचे बैठ कर मेरे फुद्दी चूसने लगे। मेरी फुद्दी लंड मांग रही थी, आग लगी पड़ी थी फुद्दी मैं। मैंने चूतड़ घुमाये और बोली, “मामा जी अब अंदर डालो और चोदो, एक मजा दे दो, अगली चुदाई से पहले जितनी चाहो फुद्दी चूस लेना।”

“मामा जी उठ कर खड़े हो गए और मेरी टांगें थोड़ी और ऊपर उठा कर चौड़ी करके लंड फुद्दी पर रखा और एक ही बार में पूरा लंड अंदर डाल दिया। मामा जी के मोटे लंड से मेरी फुद्दी एक-दम फ़ैल गयी और फुद्दी में ऐसी सनसनाहट हुई कि मजा ही आ गया। वाकई मस्त लंड था मामा जी का मोटा लंड। फुद्दी की अंदर जाते ही जैसे पुरी की पूरी फुद्दी लंड से भर गयी थी।”

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