ये कहानी पिछले साल दिसंबर महीने की है। हम तीनों को क्रिसमस की छुट्टियाँ थी, तो हमने मनाली जाने का फैसला किया। दिसंबर की ठंडी में मनाली जाने के लिए बहुत उत्साहित थे हम तीनों। हमारे पास क्रेटा गाड़ी है, तो हम अपनी गाड़ी में ही वहां गए थे।
वहां जाके हम होटल में रुके, और खूब मजा किया। 4 दिन वहां मौज-मस्ती करने के बाद हम वापस आने लगे। हम शाम को निकले थे वहां से। प्लान करें कि आप सारी रात ड्राइव करेंगे। लेकिन ये प्लान उल्टा पड़ गया।
अभी हमने 1 घंटा ही ड्राइव की थी, अचानक से तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश इतनी तेज़ थी, कि आगे का कुछ दिख नहीं रहा था। इसलिए हमने साइड में गाड़ी लगा दी। हम जंगल टाइप के इलाके से गुज़र रहे थे, तो आस-पास कुछ नहीं था।
अब हम गाड़ी में बैठे बारिश रुकने का इंतज़ार कर रहे हैं। शुकर है गाड़ी का हीटर चल रहा था, क्योंकि बाहर ठंड बहुत बढ़ गई थी। लेकिन तभी गाड़ी फ़िसल कर आगे जाने लगी। इससे हम तीनों घबरा गए, और जल्दी से गाड़ी से बाहर निकल आये।
तेज़ पानी के बहाव की वजह से गाड़ी हमसे दूर जाने लगी। हम तीनों बारिश में भीगने लगे। तभी पापा ने दौड़ कर गाड़ी में से हमारा टेंट निकाल लिया। आस-पास जंगल था, तो हम एक बड़े पेड़ के नीचे टेंट लगा कर बैठ गए। अब बारिश से तो बच गये थे। लेकिन कपड़े तो पहले ही भीग चुके थे।
फिर हमने ऊपर के मोटे कपड़े उतार दिए, लेकिन ठंड तो लगनी ही थी। अब मम्मी ठंड से कांप रही थी। उन्होंने जींस और टी-शर्ट पहनी हुई थी। टाइट कपड़ो में वो मिल्फ़ पोर्न वीडियो की हीरोइन लग रही थी। मम्मी ठंड से नीली पड़ रही थी। अब पापा को कुछ और नहीं सूझा, तो मम्मी को गले से लगा लिया, और किस्स करना शुरू कर दिया।
मम्मी पापा की बाहों में सिमट गई। वो भी उनको किस्स का रिवर्ट करने लगी। किस्स करते हुए पापा मम्मी की पीठ पर हाथ फेर रहे थे। मैं ये सब देख रहा था। मम्मी अभी भी कांप रही थी, तो पापा ने मुझे मम्मी के करीब आने का इशारा किया। पहले तो मैं समझा नहीं, लेकिन फिर पापा ने बोला-
पापा: बेटा तेरी मम्मी ठंडी पर है। हमें इसको गर्मी देनी होगी। आज रिश्ता भूल जा, और इसको सिर्फ एक औरत समझ ले।
मैं समझ गया पापा क्या बोल रहे थे। फिर मैं मम्मी के करीब गया, और उनकी टी-शर्ट उठा कर उनकी पीठ पर किस्स करने लगा। उधर पापा मम्मी के होंठ चूसे जा रहे थे।
फिर मैं ऊपर से नंगा हो गया, और पीछे से मम्मी को चिपक गया। मैंने अपने हाथ आगे ले जाकर मम्मी के स्तन दबाना शुरू कर दिए। मम्मी अब आहें भर रही थी, और पापा को चूमने जा रही थी। फ़िर मम्मी पापा के लंड को उनकी पैंट के ऊपर से दबाने लगी।
पापा ने अपनी पैंट और अंडरवियर नीचे करके लंड बाहर निकाल लिया, और मम्मी उसको मुँह में लेके चूसने लगी। वो झुकी हुई थी, तो उनकी गांड मेरे सामने थी। मैंने मम्मी की बेल्ट खोल कर जींस नीचे की, और फिर पैंटी को चूत से साइड करके अपनी जीभ से चाटने लगा। इसे मम्मी मम्म मम्म करने लगी।
कुछ देर ऐसे ही चलता रहा। फिर मम्मी ने लंड मुँह से बाहर निकाला, और अपने बाकी के कपड़े उतार कर पूरी नंगी हो गई। क्या मस्त लग रही थी वो नंगी होके। उधर पापा भी नंगे होके नीचे लेट गये, और मम्मी उनके ऊपर आके उनके लंड पर बैठ गयी।
अब पापा मम्मी को अपनी बाहों में लेके नीचे से उनकी चूत में धक्के लगा रहे थे। मम्मी के चूतड़ कामुक तरीके से हिल रहे थे। तभी मम्मी ने पीछे देखा, और बोली-
मम्मी: आजा बेटा।
ये बोल कर उन्हें अपने हाथों से अपने चूतड़ खोले, और मुझे गांड मारने का इशारा किया। मैंने जल्दी से अपने कपड़े उतारे, और मम्मी के पीछे जाके लंड उनकी गांड के छेद पर सेट करने लगा।
मैंने गांड के छेद पर थूका, और लंड सेट करके ज़ोर का धक्का मारा। मम्मी की आह निकली, और लंड आधा उनकी गांड में चला गया। क्या कमाल का एहसास था। ऐसा लग रहा था, जैसी जन्नत में आ गया था मैं।
फिर मैंने लंड अन्दर-बाहर करना शुरू किया। 2-3 ज़ोर के धक्के मारने से लंड पूरा अंदर चला गया। अब मम्मी की चूत में पापा का, और गांड में मेरा लंड था। हम तीनों सैंडविच पोजीशन में थे। पापा नीचे से मम्मी की चूत चोद रहे थे, और मैं ऊपर से उनकी गांड चोद रहा था।
मम्मी आह्ह आह्ह करके 2 लंड के मजे ले रही थी। अब उनको पसीना आना शुरू हो गया था, और पापा और मैं भी पूरे गरम थे। आधे घंटे तक हम दोनों ऐसे ही मम्मी को पेलते रहे। फिर मेरा पानी निकालने वाला था, तो मैंने लंड मम्मी की गांड से बाहर निकाल लिया, और उनकी पीठ पर अपना माल निकाल दिया।
अब मम्मी सीधी होके पापा के लंड पर तेजी से उछालने लगी। कुछ देर में मम्मी पापा के लंड से उतरी, और उनका लंड हिला कर उसका पानी निकाल दिया।
अब तक बारिश बंद हो चुकी थी। फिर हम टेंट से बाहर आये। हमारी गाड़ी काफी आगे आ चुकी थी। हमने टेंट फोल्ड किया, और गाड़ी में जाके बैठ गए, और वापस घर की तरफ निकल पड़े।
कहानी कैसे लगी, कमेंट करके ज़रूर बताएं।