मैं: जो लेना हो उसकी एक लिस्ट बना लो। कल मेरा कॉलेज ऑफ हो जाएगा और साथ में चल कर शहर से सामान ले लूंगा।
उसने ठीक है कहा और सामान की लिस्ट बना ली। अगले दिन मैं उसे लेकर शहर आ गया बस से। फिर हमने सामान खरीदा और फिर बस आने का इंतज़ार करने लगे। कुछ देर बाद बस आ गई, लेकिन वो पूरी तरह से भरी थी। हम दोनों भी बस में चढ़ गए पर सीट खाली नहीं थी, और हम खड़े हो गए।
वो मेरे आगे थी और जगह ना होने की वजह से मैं भी उससे चिपक कर खड़ा था। मेरा लंड बार-बार उसकी गांड से रगड़ रहा था। मैं गरम होने लगा और मेरा लंड खड़ा हो गया और उसकी गांड में चिपकने लगा। वो एक बार पीछे मुड़ के देखी लेकिन कुछ कहा नहीं।
खैर फिर हम घर वापस गए। वक्त रात के 8 बज रहे थे। मैंने उसे रूम पे ही रुक जाने को कहा तो वो मान गई। फिर उसने खाना बनाया और हमने खाना खा लिया। अब मेरी नज़र उसके ऊपर थी। मैं सोच रहा था कि उसे मनाऊं कैसे। फिर मुझे एक आइडिया आया।
मैंने उससे कहा: कि क्या तुम मेरे जोड़ों की मालिश दोगी? क्योंकि सुबह से चलने की वजह से दर्द हो रहा है।
तो उसने कहा ठीक है और तेल लेने चली गई। फिर मैंने अपने कपड़े उतार दिए और अंडरवियर भी, और सिर्फ बरमूडा पहन लिया। वो तेल लेकर आई और मेरे जोड़ों की मालिश करने लगी। उसके हाथों ने जैसे ही मेरे पैरों को छुआ, मुझे करंट सा लगा और मेरा लंड खड़ा होने लगा। थोड़ी ही देर में वो पूरा खड़ा हो गया। अब मेरा लंड बरमूडा में साफ़ खड़ा दिख रहा था।
वो भी बार-बार उसे देख रही थी। अब मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ और मैंने उसका हाथ पकड़ के अपने ऊपर खींच लिया और उसे चूमने लगा।
वो कहने लगी: ये गलत है (और मुझे धक्का देने लगी)।
पर मैंने भी उसे कस कर पकड़ रखा था। मैं उसके होठों को चूसने लगा। फिर वो भी गरम होने लगी। फिर मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए और अपना बरमूडा भी उतार दिया। वो मेरे लंड को देख के आंखें बंद कर ली।
मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपना लंड उसके हाथ में पकड़ा दिया। वो लंड हिलाने लगी। फिर मैंने लंड उसके मुंह में दे दिया। अब मैं उसका मुँह चोद रहा था और हाथों से चूचियों को मसल रहा था।
करीब 15 मिनट बाद मैं उसके मुँह में ही झड़ गया। उसने तुरंत मेरे लंड के रस को थूक दिया। फिर मैं उठा और उसकी तेल से उसकी मालिश करने लगा, जोड़ों पे, हाथ पे, चूची पे, सब जगह। फिर मैंने उसकी चूत को खोल कर अपनी एक उंगली घुसा दी। वो सिसकियां लेने लगी।
फिर मैं उसकी चूत को चाटने लगा और अपनी उंगली को अंदर-बाहर करने लगा। 10 मिनट में उसका हाथ मेरे सर पे आ गया। अब वो भी गरम हो चुकी थी। फिर मैं उठ कर खड़ा हो गया और उसके ऊपर चढ़ के 69 की पोजीशन में लेट गया और लंड उसके मुँह में डाल दिया। इस बार उसने मेरे लंड को चूसना शुरू किया। मैं भी उसकी चूत को अपनी जीभ से चोदने लगा।
10 मिनट बाद वो कांपने लग गई, और मुझे समझ आ गया कि वो झड़ने वाली थी। मैं और तेजी से चूत चाटने लगा। फिर वो झड़ने लगी और मैं उसका सारा रस पी गया। उसके बाद मैं उठा और जाके उसकी टांगों के बीच खड़ा हो गया और अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा।
वो फिर से गरम होने लगी और कहने लगी: अब देर मत करो, जल्दी से मुझे चोद दो।
पर मैं उसे और तड़पाना चाहता था, इसलिए मैं लंड रगड़ता रहा। कुछ देर बाद उसकी चूत गिली होने लगी, तभी मैंने जोरदार शॉट मारा और मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया। वो मम्म्म्म अहहहह करने लगी।
मैंने फिर से एक शॉट मारा। इस बार मेरा लंड उसकी चूत में जड़ तक घुस गया। वो कराह उठी आआआअहह अम्म्म, पर मैं कहां मानने वाला था। मैं दनादन उसे चोदता रहा। उसने अपनी टांगें मेरी कमर पर लपेट ली और बोली-
वो: और तेज और तेज म्म्म्म साआआआ ह्ह्ह्हह्ह मजा आ रहा है आआह्ह्ह आह्ह्ह्ह म्म्म्म।
इधर मैं भी उसे जोर से चोदे जा रहा था। फिर मैंने उसे खड़ा किया और उसकी एक टांग उठायी। फिर पीछे से लंड उसकी चूत में घुसा दिया और उसे चोदने लगा। 15 मिनट बाद वो झड़ गई पर मैं उसे चोदता रहा।
फिर उसने कहा: बस करो, अब जलन हो रही है।
तो मैंने अपना लंड निकाल लिया और कुतिया की पोजीशन में कर दिया और तेल लेकर उसकी गांड में लग गया। मैंने कहा धीरे करुंगा। पर वो मान नहीं रही थी। बहुत मनाने में बाद वो राज़ी हुई।
मैंने पहले उसकी गांड में एक उंगली डाली। वो कराह उठी। फिर मैंने उसका मुंह तकिये पे रखवा दिया और अपने लंड पे तेल लगाया। उसके बाद लंड को गांड के छेद सेट किया और धीरे से धक्का मारा। मेरे लंड का सुपाड़ा जैसे ही अंदर घुसा, वो इइइइइ म्मम्मम कर उठी।
फिर मैं उसकी चूचियों को सहलाने लगा थोड़ी देर। इससे उसको आराम मिला। फिर मैंने एक ज़ोरदार शॉट मारा और मेरा पूरा लंड उसकी गांड में घुस गया। वो आआआआ आआआआ आआआआ मरर गइइइ चिल्लाने लगी।
उसकी आँखों में आंसू आ गये, पर मैं रूका नहीं और उसे चोदता रहा। थोड़ी देर बाद उसे भी मजा आने लगा और वह भी अपनी गांड हिलाने लगा। फिर थोड़ी देर में मैं उसकी गांड में झड़ गया और हम नंगे एक-दूसरे से चिपक गए। मैं जब तक वहां था, रोज उसे चोदता था और वो भी खुल कर मुझसे चुदवाती थी।
तो दोस्तों कैसी लगी मेरी कहानी मुझे बताइयेगा। कहानी पढ़ने के बाद अपने विचार, कमेंट्स में ज़रूर लिखें। ताकि हम आपके लिए रोज़ और बेहतर कहानियां पेश कर सकें।