मेरे बचपन का प्यार रूबी – भाग 14 – रविवार की आखरी रात

मैंने रितु की टांगें थोड़ी और ऊपर की और चूतड़ खोल दिए। गांड का छेद मेरे सामने था। मैंने छेद पर जैसे ही जुबान फेरी रितु के मुंह से सिसकारी निकली “आअह”

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मेरे बचपन का प्यार रूबी – भाग 11 – शनिवार के रात सेक्स टॉयज़ का धमाल

अगर कभी औरत की चूत गीली हो जाए और उसमें खुजली मच जाए तो जब तक वो चूत चुद ना जाये और झड़ ना जाए औरत को चैन नहीं लेने देती।

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मेरे बचपन का प्यार रूबी – भाग 9 – रूबी की ‘हां’ और और रितु की लंड चुसाई

दिन की रोशनी में गांड का छेद दिखाई दे रहा था। गुलाब की छोटी गोल पंखुड़ी जैसे रितु की गांड की छेद के किनारे कल रात की गांड चुदाई के कारण लाल हुए पड़े थे।

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मेरे बचपन का प्यार रूबी – भाग 8 – रितु की काम क्रीड़ा

रितु की टाइट चूत – उतनी ही टाइट गांड। रितु की गांड का गुलाबी छेद मेरी आँखों के आगे घूम रहा था – गुलाब के फूल की पंखुड़ी जैसा छोटा सा बंद गुलाबी गांड का छेद।

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