काजल दीदी और मेरा प्यार-2

पिछला भाग पढ़े:- काजल दीदी और मेरा प्यार-1

भाई-बहन सेक्स कहानी अब आगे-

अपनी पूरी जिंदगी में पहली बार किसी लड़की के स्तन इतने करीब से देख रहा था। काजल दीदी के खुले स्तन बिल्कुल किसी मक्खन जैसे लग रहे थे। उनके गाल शर्म की वजह से लाल पड़ गए थे। मेरा मन तो कर रहा था कि उनके स्तनों को जोर से अपने हाथों में पकड़ कर मसल डालू। लेकिन हिम्मत नहीं हो रही थी। बाथरुम में एक अजीब सा सन्नाटा पसरा हुआ था।

वो मेरी झिझक देख कर हल्का सा मुस्कुराई और बोली, “क्या हुआ गोलू… ऐसे क्यों देख रहे हो?” उनकी आवाज़ में छेड़ने वाला अपनापन था। फिर थोड़ा झुक कर मेरी आँखों में देखते हुए उन्होंने धीरे से कहा, “अगर मन है… तो छू सकते हो।”

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