मेरी फैंटेसी रोलप्ले से चूदाई तक का सफर-2

पिछला भाग पढ़े:- मेरी फैंटेसी रोलप्ले से चूदाई तक का सफर-1

हिंदी सेक्स कहानी के पिछले पार्ट में आपने पढ़ा कैसे मसाजर मेरी बीवी के कपड़े उतार कर उसको ब्रा-पैंटी में ले आया। अब आगे-

करण अब ललिता की जांघों के बीच अपनी हथेलियां रगड़ रहा था। वह जान-बूझ कर अपने हाथ उसकी पैंटी के किनारों तक ले जाता और फिर पीछे खींच लेता। ललिता का शरीर अब धीरे-धीरे तनने लगा था। अंत में करण ने वही कहा जिसका मुझे इंतजार था, “मैम, ब्रा और पैंटी की वजह से ब्लड मसाज पूरा नहीं हो पा रहा है। अगर आप सहज हों, तो पूरी बॉडी मसाज के लिए इन्हें हटाना पड़ेगा।”

ललिता का चेहरा शर्म से सुर्ख लाल हो गया। और मना कर दिया इस पर मैंने कहां, “निकाल दो बेबी। मैं यही हूं, बस इस सुख को महसूस करो।” फिर ललिता ने ह्म्म कहां करण ने अपने हाथों से अपनी ब्रा का हुक खोला और पैंटी नीचे खिसका दी।

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