पिछला भाग पढ़े:- जवान कामवाली की चुदाई का मज़ा-1
हिंदी सेक्स कहानी अब आगे-
कार्तिक: हां वो तो मुझे दिख रहा है तुम्हारे हाथों को देख कर कि कितनी बॉडी पसंद आई तुम्हें मेरी।
इतना सूरज के दीप्ति शर्मा गई, और उसने अपना मुंह नीचे कर लिया। फिर मैं उसके पास गया, और उसको कंधों से पकड़ के उठाया। उसका मुँह अभी भी नीचे था, और वो शर्मा रही थी। फिर मैंने उसका चेहरा ऊपर उठाया, और आंखों में देख के बोला-
कार्तिक: शर्मा क्यों रही हो। ये नॉर्मल है। मेरा भी तो कल तुम्हें देख के खड़ा हो गया था।
वो फिर शर्मा गई और अपना चेहरा छुपा लिया हाथों से। फिर मैंने उसके हाथ पकड़े, और अपने सीने पर रख दिये। उसके हाथ मेरे गरम सीने पे बहुत सुकून दे रहे थे, और उसे भी भी मेरे सीने से निकलती गरमी पसंद आ रही थी। उसने मेरे सीने पर हाथ फेरना शुरू कर दिया। मैंने उसका चेहरा ऊपर उठाया, और उसकी आँखों में आँखें डाल कर के पूछा-
कार्तिक: दीप्ति तुम्हें मैं पसंद हूं?
उसने मेरी आंखों में देखा और मुस्कुरा कर हां में अपना सर हिलाया। फिर मैंने सीने से लगा लिया, और वो मेरे सीने से चिपक गई। उसके बड़े-बड़े दूध मेरे सीने में दब रहे थे, और वो अपने हाथ से मेरी पीठ सहलाने लगी।
मैंने उसे अलग किया और उसको आई लव यू बोला, और उसने मेरे सीने पे किस्स करके मुझे आई लव यू टू बोल दिया। फिर मैंने उससे पूछा-
कार्तिक: दीप्ति तू मेरी गर्लफ्रेंड बनेगी?
दीप्ति: जान आज से मैं सिर्फ आपकी हूं, जो चाहे बना लो मुझे। पर खुद से दूर मत करना।
और इतना बोल के उसने मेरे चेहरे को अपने हाथ में ले लिया, और मेरे होठों पे होंठ रख दिये, और चूमने लगी। मुझे तो अपनी किस्मत पर विश्वास ही नहीं हो रहा था, कि इतना सुंदर माल निकल गया मुझसे। पर मैंने उसका पूरा साथ दिया, और दर्द से चुंबन किया। हमने एक-दूसरे की तरह पसंद किया।
हमारा किस्स 5 मिनट तक चला। फिर हम अलग हुए, और मैं फिर उसके पास गया और उसकी गर्दन चटने लगा। वो आंखें बंद करके बस आह-आह कर रही थी, और उसके हाथ मेरे बालों को सहला रहा था। वो पूरी फील में आ गई थी। फिर मैंने उसका एक दूध पकड़ लिया, और ज़ोर से दबा दिया। उसके मुँह से हल्की सी सिस्कारी निकल गयी।
अब मैं उसकी गर्दन चाट रहा था, और उसका दूध दबा रहा था। और वो मेरे बाल सहला रही थी। फिर मैंने उसको घुमाया, और उसके कान को चूमने लगा, और हाथ आगे ले जा कर उसके दोनों दूध टी-शर्ट के ऊपर से सहलाने लगा। उसने अपने दोनों हाथों को मेरे हाथों पे रखा, और अपने दूध दबवाने लगी।
थोड़ी देर बाद मैंने एक हाथ उसकी लेगिंग के ऊपर से ही चूत पर रख दिया, और रगड़ने लगा। इसे वो मचल उठी, और ज़ोर-ज़ोर से अपना एक दूध दबाने लगी। फिर एक हाथ से मेरी गर्दन पकड़ ली, और मैंने देर ना करते हुए अपना हाथ उसकी लेगिंग और पैंटी के अंदर घुसा कर चूत पे रख दिया और रगड़ने लगा उसकी चूत को।
कसम से यार, इतनी गीली हो रही थी उसकी चूत, और थी भी पूरी क्लीन शेव और फूली हुई। मैं उसकी चूत रगड़े जा रहा था, और वो आआह आआह जान ज़ोर से की आवाज़ निकाल रही थी। फिर रगड़ते-रगड़ते मैंने एक उंगली उसकी चूत में डाल दी। उसकी हल्की सी दर्द भरी आह निकली, और मैंने अपनी उंगली को अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया।
वो पूरे जोश में था, और मैं यहीं चाहता था कि दीप्ति को अच्छे से मजा दिया जाए। फिर मैंने इस्तेमाल किया, और बिस्तर पर लिटाया और उसकी टी-शर्ट और ब्रा ऊपर कर दी। उसके बाद मैं उसके गोरे-गोरे दूध दबाने लगा, और फिर एक दूध को मैंने चुनना शुरू किया और दूसरे हाथ से दूसरे दूध को दबा रहा था।
क्या बताऊं यारो, क्या मस्त दूध थे उसके। बेदाग गोरे और उसके ऊपर गुलाबी निप्पल जिनको चुनने में बड़ा मजा आ रहा था। वो अपनी चूत सहला रही थी। फिर मैं दूध चुनने के बाद नीचे बढ़ा, और उसकी नाभि में अपनी जीभ डाल दी, और उसे चाटने लगा।
दीप्ति तो मानो जन्नत की सैर कर रही थी। उसने मेरे बालों को कस के पकड़ रखा था, और नोच रही थी। वो ओह्ह्ह आह्ह जान की सेक्सी आवाजें निकल रही थी। फिर मैं उठा, और उसकी लेगिंग्स और उसकी पैंटी एक बार में ही उतार दी। मैं उसकी टांगों के बीच आके बैठ गया, और उसकी चूत देखने लगा।
उसकी चूत सुरख गुलाबी थी, जिस पर एक भी बाल नहीं था। मैंने उसकी चूत पर हाथ रखा और हाथ रखते ही उसकी चूत से रस बहना लगा। मैं तुरंट अपनी जिह्वा लगा के चाटने लगा, और जीभ लागते ही दीप्ति ने ज़ोर से सिस्की भारी, और बेडशीट को दोनों हाथों से ज़ोर से पकड़ लिया।
मैंने उसकी चूत चाटना जारी रखा। वो अपने दोनो स्तन ज़ोर-ज़ोर से दबा रही थी, और अपने निपल्स खींच रही थी। फिर मैंने अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाली और अंदर-बाहर करने लगा, और चूत का दाना चाटने लगा।
दीप्ति तो जैसी पागल ही हो गई थी। उसने अपनी जाँघें भींच ली, और मेरे सर को अपने हाथों से अपनी चूत पर दबाने लगी। फिर 1 मिनट के बाद ही वो झड़ गई। मैंने उसका थोड़ा सा रस देखा। वो ज़ोर-ज़ोर से हांफ रही थी, और वो ऐसे ही लेटी रही बेड पे। फिर उठी और मेरे होठों को चूमने लगी। इतने में माँ ने आवाज़ दी दीप्ति को, तो वो जल्दी से उठी और अपने कपड़े पहने। फिर जाते-जाते मेरे गालों पे किस्स करके नीचे भाग गई।
मुझे बहुत गुस्सा आया अपनी किस्मत पर, जब मेरे मजे का टाइम आया, तब मम्मी ने आवाज दे दी। फिर मैं उठा, और अपना कमरा लॉक किया, और अपना शॉर्ट्स और सपोर्टर उतार के नंगा बिस्तर पे लेट गया। मेरा लंड वैसे भी कड़क हो रखा था। फिर मैंने दीप्ति को याद करके मुठ मारी और थक के सो गया।
दोस्तों ये हिस्सा यहीं तक है। आशा करता हूं कि आपको मेरी कहानी पढ़ के मजा आया होगा, और आपने अपना पानी निकाला होगा। अगले हिस्से में मैं बताऊंगा कैसे मैंने दीप्ति की चुदाई की, इसलिए कृपा बने रहिए कहानी के साथ। और मैं माफ़ी चाहूँगा कि कहानी थोड़ी लम्बी हो गई, क्योंकि मैं चाहता हूँ कि पाठकों को एक-एक घाटना को खुल के बताऊँ, जिससे और ज़्यादा मज़ा आए।
्