काजल दीदी और मेरा प्यार-5

पिछला भाग पढ़े:- काजल दीदी और मेरा प्यार-4

भाई बहन सेक्स कहानी अब आगे-

उस रात मुझे पहली बार समझ आया कि इस दुनिया में उससे ज़्यादा खतरनाक कुछ नहीं होता, जब तुम अपनी सौतेली बहन के स्तनों को होंठों से छू रहे हो और उसी पल उसकी माँ तुम्हें रंगे हाथों पकड़ ले।

मैं और काजल दीदी बारिश से भीगी छत पर एक-दूसरे में पूरी तरह खोए हुए थे। मेरी साँसें तेज़ चल रही थी और मैं उनके नंगे स्तनों को चूमते हुए बाकी दुनिया को भूल चुका था। तभी पीछे से तेज़ कदमों की आहट सुनाई दी। इससे पहले कि हम कुछ समझ पाते, माँ हमारे सामने खड़ी थी।