रजनी की चुदाई उसी के जुबानी-12 – करनाल में क्रांति

दीपक के लंड में से कुछ नमकीन नमकीन निकल रहा था। मैं तो चाटती जा रही थी जो भी ये नमकीन नमकीन था।

रजनी की चुदाई उसीकी जुबानी-10

चुदाई की आवाजें भी सुनी जा सकती थी फच….. फच…… फच….. । गीली चूत पर लंड का अंतिम सिरा टकराता था तो आवाज़ आती थी फच….. फच….. फच…।

रजनी की चुदाई उसीकी जुबानी-6

चुदाई एक से ही करवानी चाहिए – “हमने अपनी भोसड़ी का भोसड़ा थोड़े ही बनवाना है – ये भोसड़ी तो हमारे भावी पतियों की अमानत है “।

रजनी की चुदाई उसीकी की जुबानी-4

पढ़िए ये कहानी कैसे सब कुछ खुल चूका था एक परिवार में जहा माँ, बेटी और नौकरानी सबकी चुदाई होती थी और करने वाला भी कौन था?

रजनी की चुदाई उसीकी की जुबानी-3

अब माँ की चुदाई के बाद जब मुझसे रहा नहीं गया तो मैं जाके दीपक के लन्ड के पास बैठ गयी और उसका लन्ड मुँह में ले लिए जब वो नींद में था।

रजनी की चुदाई उसीकी की जुबानी-2

पढ़िए कैसे मैंने अपने ही घर में मेरी माँ को किसी पराये मर्द से चुदते देखा जिससे मेरी चूत गीली हो गयी, और मुझे किसी ने देख लिया माँ की चुदाई देखते हुए।