एक फैमिली ऐसी भी-20

पिछला भाग पढ़े:- एक फैमिली ऐसी भी-19

हिंदी चुदाई कहानी अब आगे-

अगले दिन जैसे ही कामवाली काम करके निकली, दिव्या मुझसे बोली, “चलें धीरज, माधवी से अब रहा नहीं जा रहा। रात को इतनी चुसाई करवाई फुद्दी की इसने कि क्या बताऊं। चिकने पानी से भरी पड़ी थी इसकी फुद्दी रात से ही।” फिर दिव्या अपने आप से बोली, “वैसे धीरज मेरे फुद्दी का भी वहीं हाल है।”

हम तीनों ही अपने के कमरे में आ गए। मम्मी-पापा का बेड कुछ ज्यादा ही बड़ा था। हम तो तीन ही थे, उस बेड पर तो चार लोगों की भी मस्त चुदाई हो सकती थी।
मेरी तो अपने लंड की हालत खराब थी, एक कुंवारी टाइट फुद्दी चोदने के बाद, एक और कुंवारी फुद्दी चुदने के लिए उतावली हो रही थी। मेरा लंड तो कामवाली के जाते ही माधवी की कुंवारी फुद्दी के बारे में सोच सोच कर ही खड़ा हो चुका था।

Leave a Comment