साक्षी दीदी और मेरी सेक्स कहानी-4

पिछला भाग पढ़े:- साक्षी दीदी और मेरी सेक्स कहानी-3

भाई-बहन सेक्स कहानी अब आगे-

सुबह मैं जल्दी उठ गया और सीधे किचन में चला गया ताकि कुछ खाना बना सकूं। आमतौर पर साक्षी दीदी और माँ ही सब बनाती थी, लेकिन आज साक्षी दीदी अपने कमरे में ही थी। उनके हाथ में प्लास्टर था और दवाई की वजह से भी उन्हें आराम करना था, इसलिए वह बिस्तर पर ही लेटी हुई थी। मैंने सोचा कि उनके लिए कुछ आसान सा बना दूं, तो मैंने ऑमलेट बना लिया। फिर मैंने उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काट दिया ताकि वह बिना ज्यादा हाथ हिलाए आसानी से खा सकें।

इसके बाद मैं प्लेट लेकर उनके कमरे में गया। कमरे में जाते ही देखा कि उनके बाल चेहरे पर बिखरे हुए थे। कुछ बाल उनके गालों से चिपके हुए थे, शायद पसीने की वजह से या क्योंकि वह काफी देर से वैसे ही लेटी थी। मैंने धीरे से प्लेट उनके बिस्तर के पास रख दी। फिर थोड़ा झुक कर मैंने धीरे से आवाज लगाई, “साक्षी दीदी, उठो।”

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