एक फैमिली ऐसी भी-27

पिछला भाग पढ़े:- एक फैमिली ऐसी भी-26

हिंदी चुदाई कहानी अब आगे-

धीरज के पापा यश, मम्मी सुधा, मौसा मनोहर और मौसी कौशल्या तो खूब मजे करते थे। ग्रुप चुदाई में हर वो काम करते थे जो मजे के लिए किया जा सकता था।
मौसी आगे बोली, “धीरज इन चुदाईयों जब हम इकट्ठे बैठते थे या बैठते हैं तो समझो कमाल की ही बातें होती हैं। तेरे मौसा मनोहर – जीजा जी से पूछते हैं, “और भाई यश कैसी रही रात, कैसी रही साली कौशल्या के साथ चुदाई?”

“और यश जीजा जी बोलते हैं, “मस्त रही मनोहर, चार बार चोदा मैंने कौशल्या को। मस्त चुदाई करवाती है कौशल्या। फुद्दी भी मस्त है, खूब पानी छोड़ती है। मजा आ जाता है चूसने का। फिर जीजा जी ने मुझसे कहते है, “तुम ही बताओ कौशल्या कैसी रही चुदाई?”

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