रजनी की चुदाई उसीकी जुबानी-16 – करनाल का करंट
लड़कियों ने तो टांगें उठा फैला कर गांड और चूत के छेद आगे कर देने हैं, “आओ जी डालो अपने लौड़े इनमें और करो इनकी चुदाई घिसाई।
Real XXX desi kahani
लड़कियों ने तो टांगें उठा फैला कर गांड और चूत के छेद आगे कर देने हैं, “आओ जी डालो अपने लौड़े इनमें और करो इनकी चुदाई घिसाई।
घर में चुदाई का पूरा खेल चल रहा था। “इस घर में हर मर्द घर की हर को औरत को चोदता था, मगर पूरी ईमानदारी और असूलों के साथ”।
रजनी उकडू होकर उलटा लेट गयी और गांड उठा दी। अब मैंने उसके चूतड़ खोले,गांड का छेद लाल भी था और थोड़ा सी सूजन भी थी।
“पप्प फच पट्ट — पप्प फच पट्ट — पप्प फच पट्ट — पप्प फच पट्ट — की संगीतमयी ताल के साथ क्या मस्त चुदाई हो रही थी मेरी ।
दीपक के लंड में से कुछ नमकीन नमकीन निकल रहा था। मैं तो चाटती जा रही थी जो भी ये नमकीन नमकीन था।
“जिस तरह सरोज हम लोगों की चूतें चाट रही थी,और हमारी गांड में उंगली डाल कर गोल गोल घुमा रही थी, लग ही रहा था की सेक्स का पूरा मजा लेने में विश्वास रखती है”
चुदाई की आवाजें भी सुनी जा सकती थी फच….. फच…… फच….. । गीली चूत पर लंड का अंतिम सिरा टकराता था तो आवाज़ आती थी फच….. फच….. फच…।
“चुदाई का हर एक का अपना अपना तरीका है – मगर मकसद एक ही है मजे देना और मजे लेना “। तो पढ़िए एक मज़ेदार चुदाई की कहानी और आनंद लीजिये।
रजनी बोली, “सालो पढ़ाई करने आये हो या चुदाई करने, उतारो अपने अपने कपड़े” और फिर शुरू हुआ चुदाई का खेल दो लंड और दो चूत के बीच में।
अब हम सोच रहीं थीं, क्या होगा जब दो लंड होंगे दो चूतें होंगी और दो ही गांड के छेद – “कहीं भूचाल ना आ जाये”।