रजनी की चुदाई उसी के जुबानी-12 – करनाल में क्रांति

दीपक के लंड में से कुछ नमकीन नमकीन निकल रहा था। मैं तो चाटती जा रही थी जो भी ये नमकीन नमकीन था।

रजनी कि चुदाई उसीकी जुबानी-11 – हम करनाल में

“जिस तरह सरोज हम लोगों की चूतें चाट रही थी,और हमारी गांड में उंगली डाल कर गोल गोल घुमा रही थी, लग ही रहा था की सेक्स का पूरा मजा लेने में विश्वास रखती है”

रजनी की चुदाई उसीकी जुबानी-10

चुदाई की आवाजें भी सुनी जा सकती थी फच….. फच…… फच….. । गीली चूत पर लंड का अंतिम सिरा टकराता था तो आवाज़ आती थी फच….. फच….. फच…।

रजनी की चुदाई उसीकी जुबानी-9

“चुदाई का हर एक का अपना अपना तरीका है – मगर मकसद एक ही है मजे देना और मजे लेना “। तो पढ़िए एक मज़ेदार चुदाई की कहानी और आनंद लीजिये।

रजनी की चुदाई उसीकी जुबानी-8

रजनी बोली, “सालो पढ़ाई करने आये हो या चुदाई करने, उतारो अपने अपने कपड़े” और फिर शुरू हुआ चुदाई का खेल दो लंड और दो चूत के बीच में।

रजनी की चुदाई उसीकी जुबानी-7

अब हम सोच रहीं थीं, क्या होगा जब दो लंड होंगे दो चूतें होंगी और दो ही गांड के छेद – “कहीं भूचाल ना आ जाये”।

रजनी की चुदाई उसीकी जुबानी-6

चुदाई एक से ही करवानी चाहिए – “हमने अपनी भोसड़ी का भोसड़ा थोड़े ही बनवाना है – ये भोसड़ी तो हमारे भावी पतियों की अमानत है “।

रजनी की चुदाई उसीकी जुबानी-5

रजनी की चूत का गरम गरम नमकीन पानी मेरे मुंह में गया – क्या मज़ेदार और जायकेदार था। अब पता लगा लड़की को नमकीन भी क्यों कहते हैं।

रजनी की चुदाई उसीकी की जुबानी-4

पढ़िए ये कहानी कैसे सब कुछ खुल चूका था एक परिवार में जहा माँ, बेटी और नौकरानी सबकी चुदाई होती थी और करने वाला भी कौन था?

रजनी की चुदाई उसीकी की जुबानी-3

अब माँ की चुदाई के बाद जब मुझसे रहा नहीं गया तो मैं जाके दीपक के लन्ड के पास बैठ गयी और उसका लन्ड मुँह में ले लिए जब वो नींद में था।