रजनी की चुदाई उसी के जुबानी-12 – करनाल में क्रांति
दीपक के लंड में से कुछ नमकीन नमकीन निकल रहा था। मैं तो चाटती जा रही थी जो भी ये नमकीन नमकीन था।
Real XXX desi kahani
दीपक के लंड में से कुछ नमकीन नमकीन निकल रहा था। मैं तो चाटती जा रही थी जो भी ये नमकीन नमकीन था।
“जिस तरह सरोज हम लोगों की चूतें चाट रही थी,और हमारी गांड में उंगली डाल कर गोल गोल घुमा रही थी, लग ही रहा था की सेक्स का पूरा मजा लेने में विश्वास रखती है”
चुदाई की आवाजें भी सुनी जा सकती थी फच….. फच…… फच….. । गीली चूत पर लंड का अंतिम सिरा टकराता था तो आवाज़ आती थी फच….. फच….. फच…।
“चुदाई का हर एक का अपना अपना तरीका है – मगर मकसद एक ही है मजे देना और मजे लेना “। तो पढ़िए एक मज़ेदार चुदाई की कहानी और आनंद लीजिये।
रजनी बोली, “सालो पढ़ाई करने आये हो या चुदाई करने, उतारो अपने अपने कपड़े” और फिर शुरू हुआ चुदाई का खेल दो लंड और दो चूत के बीच में।
अब हम सोच रहीं थीं, क्या होगा जब दो लंड होंगे दो चूतें होंगी और दो ही गांड के छेद – “कहीं भूचाल ना आ जाये”।
चुदाई एक से ही करवानी चाहिए – “हमने अपनी भोसड़ी का भोसड़ा थोड़े ही बनवाना है – ये भोसड़ी तो हमारे भावी पतियों की अमानत है “।
रजनी की चूत का गरम गरम नमकीन पानी मेरे मुंह में गया – क्या मज़ेदार और जायकेदार था। अब पता लगा लड़की को नमकीन भी क्यों कहते हैं।
पढ़िए ये कहानी कैसे सब कुछ खुल चूका था एक परिवार में जहा माँ, बेटी और नौकरानी सबकी चुदाई होती थी और करने वाला भी कौन था?
अब माँ की चुदाई के बाद जब मुझसे रहा नहीं गया तो मैं जाके दीपक के लन्ड के पास बैठ गयी और उसका लन्ड मुँह में ले लिए जब वो नींद में था।