रजनी की चुदाई उसी की जुबानी-22 – कमाल का करनाल

संतोष ने मुझे गोद में उठाया और बेड पर लिटा दिया। मैं संतोष का मोटा लंड अपनी चूत में महसूस करने के लिए बेचैन हो रही थी।

रजनी की चुदाई उसी की जुबानी-21 – दास्ताने करनाल

गाड़ी ने आज लम्बा सफर तै करना था इस लिए इधर उधर की चूसा चुसाई ऊंगलीबाजी में वक़्त नहीं बर्बाद किया जा सकता था.

रजनी की चुदाई उसी की जुबानी-20 – जवाब नहीं करनाल का

आज घर में तीन गायें थी और एक सांड। गायों ने एक दूसरी की फुद्दी गांड चाट चाट कर तस्सली कर ली थी I पर अगर सांड मस्ती में आ गया तो?

रजनी की चुदाई उसी की जुबानी-19 – हम अभी करनाल में ही हैं

चूत में चुदाई का असली मजा तब आता है जब लंड चूत के अंदर की खुजली मिटाता है और गांड चुदाई का असली मजा तब आता है जब लंड गांड के छेद के सिरे की खुजली मिटता है।

रजनी की चुदाई उसीकी जुबानी-18 – आह करनाल वाह करनाल

दोनों की चूतें अभी भी गीली थीं और नमकीन पानी छोड़ रही थी I करनाल में हमारी चूतें कभी सूखनी भी हैं या नहीं ?

रजनी की चुदाई उसीकी जुबानी-17 – जन्नत करनाल में ही है

मैं जा कर सोफे पर बैठ गयी और पति पत्नी कि चुदाई देखने लगी। एक हाथ मेरा मेरी चूत को मसल रहा था। “गीली हुई पड़ी थी और मुझे तो थोड़ी फूली भी लग रही थी”

रजनी की चुदाई उसीकी जुबानी-16 – करनाल का करंट

लड़कियों ने तो टांगें उठा फैला कर गांड और चूत के छेद आगे कर देने हैं, “आओ जी डालो अपने लौड़े इनमें और करो इनकी चुदाई घिसाई।

रजनी की चुदाई उसीकी जुबानी-15 – करनाल के जलवे

घर में चुदाई का पूरा खेल चल रहा था। “इस घर में हर मर्द घर की हर को औरत को चोदता था, मगर पूरी ईमानदारी और असूलों के साथ”।

रजनी की चुदाई उसीकी जुबानी-14 – वाह करनाल

रजनी उकडू होकर उलटा लेट गयी और गांड उठा दी। अब मैंने उसके चूतड़ खोले,गांड का छेद लाल भी था और थोड़ा सी सूजन भी थी।

रजनी की चुदाई उसी की जुबानी भाग-13 – करनाल के जलवे

“पप्प फच पट्ट — पप्प फच पट्ट — पप्प फच पट्ट — पप्प फच पट्ट — की संगीतमयी ताल के साथ क्या मस्त चुदाई हो रही थी मेरी ।