बात आज से 2 साल पहले की है, जब मैं फर्स्ट ईयर में था। तब मैं अपने कमरे में बैठा स्टडी कर रहा था। तभी शिवांगी आई और बोली-
शिवांगी: साहब सब काम हो गया क्या? अब मैं जा सकती हूँ?
तो मैंने कहा: हां दीदी, आप जा सकती हैं।
तब शिवांगी जाने लगी तो जाते-जाते रुक गई, और बोली: साहब क्या मैं 7 दिन यहीं रुक सकती हूं?
तो मैंने कहा: क्यों क्या हुआ?
वो बोली: साहब बात ऐसी है, मैं अकेली हूं। मेरा आदमी किसी और लड़की से शादी करके दिल्ली चला गया, और मुझे यहां अकेला छोड़ दिया।
मैंने कहा: उसने बहुत बुरा किया। अब तुम अकेली ही रहती हो?
वो बोली: हां सर, मैं अकेली रहती हूं, और मेरे मां बाप ने मुझे छोड़ दिया क्योंकि मैंने उससे भाग के साथ शादी की थी। अब आज मेरे घर का मालिक मुझे घर से बाहर निकाल देगा, क्योंकि मैंने उसको पैसे नहीं दिए। और मैं उसके साथ सोई भी नहीं, इसलिए उसने मुझे आज शाम तक का समय दिया है।
मैंने कहा: सोयी नहीं मतलब?
तो वो बोली: उसको मेरे बारे में पता चल गया कि मैं अकेली हूं, तो मुझे बोले मेरी रंडी बन जा, मजे ही मजे दूंगा।
उसके मुँह से ये बात सुन के मेरा लंड खड़ा हो गया, और मैंने कहा: मैं अभी मम्मी से बात करता हूँ, वो क्या बोलती है।
फिर मैंने मम्मी को कॉल किया-
मैं: हाय माँ, मुझे आप से एक बात करनी है।
माँ बोली: क्या बात है?
तो मैंने शिवांगी की सारी बात बता दी, जो उसके मकान मालिक ने किया वो सब।
माँ बोली: बेटा तू एक काम कर, अपने घर चला जा, और वहां के एक कमरे में शिवांगी को जगह दे दे।
मैंने कहा: ठीक है।
फिर मैंने उसको बोला माँ तैयार थी। वह खुश थी और उसने मुझे गले लगाया। उस समय वो मेरे गले लग गई, और मेरी गांड को मसल दिया। मुझे कुछ समझ नहीं आया और मैंने जाने दिया।
उसके बाद रात को खाना खा के मैं अपने कमरे में आया, और रोज़ की दिनचर्या की तरह ही मैंने दरवाज़ा लॉक किया, और लैपटॉप स्टार्ट करके मुख्य पोर्न देखने लगा। मैं फिर अपने लंड की मालिश करने लगा।
फिर मैंने एक वीडियो देखी, जिसके मालिक की नौकरानी को चोद रहा था। तब मेरा ध्यान दिन वाली बात पर गया, जब शिवांगी ने मेरी गांड दबायी थी। मैंने सोचा कि आज जैसे-तैसे मैं बेवकूफ बन गया। अगर कल होता है, तो मैं छोड़ूंगा नहीं साला। ये सोच के एक बार पोर्न देख के मुठ मारी, और पानी छोड़ा, और सो गया।
अगले दिन सुबह मैं उठा, और कॉलेज चला गया। फिर वहां से मैं जल्दी निकल गया। मैंने अपनी एक बंदी को बोला कि मैं आज घर जा रहा हूं।
तो उसने कहा: यार थोड़ी देर हमारे साथ बातें कर ले। फिर चला जाना।
मैंने कहा: नहीं मेरी आज तबीयत ठीक नहीं लग रही, जाके सोऊंगा मैं।
तो उसने कहा: मैं चालू तेरे साथ? मैं हाथ-पैर दबा दूंगी।
फिर मैंने कहा: नहीं यार, मुझे सच में ये हो रहा है।
फिर मैं निकल गया, और मैं घर पहुंच गया, तो मैंने दूसरी चाबी से गेट खोला। मैंने शिवांगी को ढूंढा, तो वो नहीं मिली। तब मैं अपने रूम में गया। मैं जैसा ही रूम में गया, तो मुझे किसी की सिसकारियाँ आने लगी।
तो मैं छुप के खिड़की से देख रहा था। मैंने देखा कि शिवांगी अपनी चूत में एक खीरा डाल के अंदर-बाहर कर रही थी, और मेरे लैपटॉप पर पोर्न देख रही थी। हमें खीर के ऊपर कंडोम भी लगाया हुआ था। कभी वो मुँह में लेती, कभी चूत में, और उसके स्तन देख के मेरा तो हाल ही बेहाल था।
मैंने अपना लंड निकाला, और एक हाथ से लंड की मुठ मारी। फिर दूसरे हाथ से उसकी वीडियो बनाई, और उसके बाद मैंने पहले वो वीडियो अपने ड्रॉपबॉक्स में सेव किया। फिर मुझे आइडिया आया तो मैं घर से बाहर चला गया, और जाके मैंने एक रेस्टोरेंट में खाना खाया। मैंने उसको कॉल किया। फ़िर मैंने उसको कहा-
मैं: मैं अभी घर आ रहा हूं।
वो बोली: ठीक है सर।
मैंने कहा: अब सर नहीं बोलो, दीपू बोलो।
फिर वो बोली: ठीक है दीपू।
मैं घर गया और अपने कमरे में गया, और अपना लैपटॉप लेकर हिस्ट्री चेक की। तो हमें सर्च हिस्ट्री में बताएं कि अपने बॉस को चुदाई के लिए आकर्षित कैसे करें। मैंने वो वीडियो देखी। उसमें एक लौंडी अपने बॉस को कुत्ती बन के उसके सामने गांड दिखा रही थी। उसके बाद उनकी चुदाई शुरू हुई।
मैंने ये देखा तो मेरा लंड खड़ा हो गया था। तब मुझे आइडिया आया। मैंने अपने कपड़े निकाले, और अपना लंड खड़ा किया। तब मेरा मोबाइल गलती से नीचे गिर गया। मैंने अपने बिस्तर के नीचे देखा एक कंडोम में बंधा हुआ खीरा था। मैंने उसको लिया। उसमें से एक अजीब सी गंध आ रही थी, जिसकी गंध करके मुझे एक अलग ही एहसास हुआ, और मेरा लंड खड़ा हो गया।
मैं फिर बिना कपड़े पहने और अपना मोबाइल लेकर बाहर खाने के लिए आ गया। जब शिवांगी आई तो मुझे ऐसे देख के दंग रह गई।
वो बोलने लगी: ये क्या दीपू?
मैंने कहा: वही जो तुम मेरे लैपटॉप में देख के इस खीरे के साथ कर रही थी। खीर से तो तुमको मजा नहीं मिल सकता, तो मैं ही तुमको अपना लंड दे सकता हूँ, अगर तुम्हारे इतने ही दिमाग पर चढ़ रही है।
उसने मुस्कुराया, और मैं खड़ा हो गया। इससे मेरा लंड उसको अच्छे से दिखने लगा।
इसके आगे क्या हुआ ये मैं आपको अपनी अगली कहानी में बताऊंगा। तब तक के लिए बाय। जिस किसी को भी मेरी सेक्स कहानी अच्छी लगी हो, तो मुझे कमेंट करके बता दे, और किसी भाभी या आंटी को चुदाई करनी हो, तो मुझे पर्सनल मसाज करे। तब तक के लिए बाय।